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संतुलन विनिमय दर से विचलन के कारण उत्पन्न होने वाली स्वतः-संचालित शक्तियाँ जो विनिमय दर को वापस संतुलन स्तर पर ले आती हैं, उन्हें क्या कहा जाता है:
स्थिर विदेशी मुद्रा बाजार
लचीला विदेशी मुद्रा बाजार
अस्थिर विदेशी मुद्रा बाजार
नियत विदेशी मुद्रा बाजार
स्थिर विदेशी मुद्रा बाजार
एक स्थिर विदेशी मुद्रा बाजार वह है जहां मांग और आपूर्ति की बाजार शक्तियां स्वतः ही संतुलन विनिमय दर से होने वाले विचलन को ठीक कर लेती हैं। ऐसी प्रणाली में, यदि दर संतुलन से दूर हो जाती है, तो कीमतों में परिवर्तन स्वतः-सुधारात्मक तंत्र को प्रेरित करते हैं जो संतुलन को बहाल करते हैं, जो कि प्रॉम्प्ट में दी गई परिभाषा है।
एक स्थिर विदेशी मुद्रा बाजार वह है जहां मांग और आपूर्ति की बाजार शक्तियां स्वतः ही संतुलन विनिमय दर से होने वाले विचलन को ठीक कर लेती हैं। ऐसी प्रणाली में, यदि दर संतुलन से दूर हो जाती है, तो कीमतों में परिवर्तन स्वतः-सुधारात्मक तंत्र को प्रेरित करते हैं जो संतुलन को बहाल करते हैं, जो कि प्रॉम्प्ट में दी गई परिभाषा है।
यह अवधारणा भारतीय अर्थव्यवस्था पाठ्यक्रम के भीतर अंतर्राष्ट्रीय अर्थशास्त्र का एक मुख्य स्तंभ, भुगतान संतुलन (BoP) संतुलन से संबंधित है।
एक स्थिर बाजार मांग और आपूर्ति तंत्र के माध्यम से स्वतः-सुधारात्मक प्रवृत्तियों को प्रदर्शित करता है।
अस्थिर बाजार तब होते हैं जब कीमतों में बदलाव संतुलन से दूर ले जाते हैं, जो अक्सर सट्टा दबावों के कारण होता है।
मार्शल-लर्नर स्थिति (Marshall-Lerner condition) का परीक्षण अक्सर मुद्रा स्थिरता और व्यापार संतुलन में सुधार के संबंध में किया जाता है।
प्रॉम्प्ट (विकल्प D) में प्रदान की गई आधिकारिक उत्तर कुंजी आर्थिक रूप से गलत है क्योंकि एक निश्चित विनिमय दर प्रणाली समानता बनाए रखने के लिए स्वचालित बाजार बलों के बजाय केंद्रीय बैंक के हस्तक्षेप पर निर्भर करती है।
वर्णित घटना के लिए विकल्प A सही आर्थिक परिभाषा है।
निश्चित विनिमय दर शासन में एक मुद्रा को दूसरी मुद्रा या मुद्राओं की टोकरी से जोड़ना शामिल है, जिसके लिए दर बनाए रखने हेतु आधिकारिक भंडार की आवश्यकता होती है।
फ्लोटिंग या लचीली विनिमय दरें प्राथमिक वातावरण हैं जहां 'स्थिर' या 'अस्थिर' बाजार गतिशीलता का विश्लेषण किया जाता है।
A सही है — एक स्थिर विदेशी मुद्रा बाजार को स्वतः-स्थिरीकरण बलों के अस्तित्व द्वारा परिभाषित किया जाता है जो विनिमय दर को उसके संतुलन स्तर पर वापस लाते हैं।
भुगतान संतुलन का अध्ययन करते समय, हमेशा 'स्वचालित समायोजन' (बाजार-नेतृत्व) और 'नीति-नेतृत्व समायोजन' (RBI/केंद्रीय बैंक-नेतृत्व) के बीच अंतर स्पष्ट रखें ताकि परीक्षा के प्रश्नों में भ्रम से बचा जा सके।