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एनर्जी मीटर में क्रीपिंग (Creeping)
आपूर्ति में परिवर्तन के कारण
वोल्टेज की ध्रुवीयता के उलट जाने के कारण
चुंबकीय सर्किट में विषमता (asymmetry) के कारण
ट्रांसफार्मर के टर्न अनुपात के कारण
चुंबकीय सर्किट में विषमता (asymmetry) के कारण
एनर्जी मीटर में क्रीपिंग एक ऐसी घटना है जिसमें एल्यूमीनियम की डिस्क बिना किसी लोड करंट के भी लगातार घूमती रहती है, जबकि केवल वोल्टेज आपूर्ति उपस्थित होती है। यह त्रुटि मुख्य रूप से चुंबकीय सर्किट में असंतुलन या घर्षण के अत्यधिक मुआवजे (friction compensation) के कारण होती है।
एनर्जी मीटर में क्रीपिंग एक ऐसी घटना है जिसमें एल्यूमीनियम की डिस्क बिना किसी लोड करंट के भी लगातार घूमती रहती है, जबकि केवल वोल्टेज आपूर्ति उपस्थित होती है। यह त्रुटि मुख्य रूप से चुंबकीय सर्किट में असंतुलन या घर्षण के अत्यधिक मुआवजे (friction compensation) के कारण होती है।
Td∝ΦvΦisin(δ) — टॉर्क समीकरण जहाँ δ फेज एंगल है
Tcreep>Tfriction — क्रीपिंग शुरू होने की स्थिति
इंडक्शन एनर्जी मीटर में ड्राइविंग टॉर्क, फ्लक्स Φv (वोल्टेज कॉइल से) और Φi (करंट कॉइल से) के गुणनफल के समानुपाती होता है। जब लोड करंट शून्य होता है, तो ड्राइविंग टॉर्क शून्य होना चाहिए। हालाँकि, चुंबकीय सर्किट में विषमता या यांत्रिक कंपन के कारण, एक छोटा अनचाहा टॉर्क उत्पन्न होता है। यदि यह टॉर्क ब्रेकिंग मैगनेट के नियंत्रण से अधिक हो जाता है, तो डिस्क क्रीप करने लगती है। इसे रोकने के लिए, डिस्क में 'पार्किंग' स्थिति प्रदान करने हेतु व्यास के विपरीत दो छोटे छेद किए जाते हैं।
क्रीपिंग को इलेक्ट्रोमैकेनिकल इंडक्शन-प्रकार के एनर्जी मीटर में एक बड़ी खराबी माना जाता है।
एंटी-क्रीपिंग होल यह सुनिश्चित करते हैं कि जब पोटेंशियल सर्किट सक्रिय हो लेकिन लोड करंट शून्य हो, तो डिस्क रुक जाए।
घर्षण मुआवजा अक्सर प्रेशर कॉइल कोर पर एक शेडिंग लूप रखकर किया जाता है, जिसे यदि अधिक समायोजित (over-adjusted) किया जाए, तो यह क्रीपिंग का कारण बन सकता है।
क्रीपिंग के परिणामस्वरूप गलत ऊर्जा पंजीकरण होता है, जिससे बिना उपभोग की गई ऊर्जा के लिए शुल्क लिया जाता है।
उपभोक्ताओं के लिए गलत ऊर्जा बिलिंग का कारण बनता है।
मीटर के अनुचित अंशांकन (calibration) को दर्शाता है।
इंडक्शन प्रकार के एनर्जी मीटर का अंशांकन।
मीटर की संवेदनशीलता और घर्षण संतुलन का परीक्षण।
आधुनिक स्टैटिक (डिजिटल) मीटर में डिस्क जैसे घूमने वाले हिस्से नहीं होते हैं और इसलिए वे क्रीपिंग की घटना के प्रति प्रतिरक्षित (immune) होते हैं।
विकल्प A गलत है क्योंकि आपूर्ति में परिवर्तन टॉर्क के परिमाण को प्रभावित करते हैं लेकिन विशेष रूप से क्रीपिंग का कारण नहीं बनते हैं। विकल्प B गलत है क्योंकि वोल्टेज की ध्रुवीयता को उलटने से टॉर्क की दिशा उलट जाएगी, न कि क्रीपिंग होगी। विकल्प D गलत है क्योंकि टर्न अनुपात वोल्टेज को घटाने/बढ़ाने का निर्धारण करता है, न कि डिस्क के यांत्रिक घूर्णन को।
C सही है — क्रीपिंग चुंबकीय सर्किट में विषमता के कारण होने वाली एक त्रुटि है, जो मीटर डिस्क पर एक छोटा अनपेक्षित ड्राइविंग टॉर्क उत्पन्न करती है।
प्रतियोगी परीक्षाओं में, 'क्रीपिंग' को हमेशा डिस्क पर मौजूद 'एंटी-क्रीपिंग होल्स' और 'घर्षण के ओवर-कम्पेनसेशन' से जोड़ें, जो सामान्य सैद्धांतिक प्रश्न हैं।