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कौन सा मूलभूत परिवर्तन (fundamental change) वियोजन अभिक्रिया (decomposition reaction) को अन्य प्रकार की रासायनिक अभिक्रियाओं से अलग करता है?
दो पदार्थ मिलकर एक यौगिक का निर्माण करते हैं
एक यौगिक सरल पदार्थों में टूट जाता है
विलयन में आयनों का आदान-प्रदान होता है
एक तत्व दूसरे तत्व को प्रतिस्थापित करता है Question ID : 4410091704459 Option 1 ID : 4410096722899 Option 2 ID : 4410096722898 Option 3 ID : 4410096722901 Option 4 ID : 4410096722900 Status : Answered Chosen Option : B
एक यौगिक सरल पदार्थों में टूट जाता है
वियोजन अभिक्रिया (Decomposition Reaction) एक प्रकार की रासायनिक अभिक्रिया है जिसमें एक एकल यौगिक टूटकर दो या दो से अधिक सरल पदार्थों (तत्वों या यौगिकों) में परिवर्तित हो जाता है। यह आमतौर पर ऊष्मा, प्रकाश ऊर्जा या विद्युत ऊर्जा के अनुप्रयोग द्वारा होती है और यह संश्लेषण या संयोजन अभिक्रिया की विपरीत प्रक्रिया है।
वियोजन अभिक्रिया (Decomposition Reaction) एक प्रकार की रासायनिक अभिक्रिया है जिसमें एक एकल यौगिक टूटकर दो या दो से अधिक सरल पदार्थों (तत्वों या यौगिकों) में परिवर्तित हो जाता है। यह आमतौर पर ऊष्मा, प्रकाश ऊर्जा या विद्युत ऊर्जा के अनुप्रयोग द्वारा होती है और यह संश्लेषण या संयोजन अभिक्रिया की विपरीत प्रक्रिया है।
इसे एक लेगो हाउस (यौगिक) को तोड़कर अलग-अलग लेगो ब्लॉक्स (तत्वों) में बदलने के साथ तुलना की जा सकती है।
2H2OElectricity2H2+O2 — जल का विद्युत वियोजन
CaCO3ΔCaO+CO2 — कैल्शियम कार्बोनेट का तापीय वियोजन
वियोजन अभिक्रिया में, अणुओं के भीतर के रासायनिक बंध बाहरी ऊर्जा (जैसे ऊष्मा या विद्युत) द्वारा तोड़े जाते हैं। सामान्य समीकरण AB→A+B है। ऊर्जा के स्रोत के आधार पर इसे तापीय वियोजन (Thermal Decomposition), प्रकाशीय वियोजन (Photolytic Decomposition) या विद्युत वियोजन (Electrolytic Decomposition) कहा जाता है।
वियोजन अभिक्रिया आमतौर पर एक ऊष्माशोषी (endothermic) अभिक्रिया होती है।
यह ऊर्जा की आवश्यकता के बिना स्वतः नहीं होती है।
यह संश्लेषण अभिक्रिया के बिल्कुल विपरीत है।
औद्योगिक स्तर पर तत्वों के निष्कर्षण में उपयोग किया जाता है (जैसे बॉक्साइट से एल्युमिनियम का उत्पादन)।
यह एक ऊर्जा-गहन (energy-intensive) प्रक्रिया है।
धातु निष्कर्षण
फोटोग्राफिक फिल्म में सिल्वर हैलाइड का वियोजन
विकल्प A संश्लेषण अभिक्रिया है।
विकल्प C द्वि-विस्थापन अभिक्रिया है।
विकल्प D प्रतिस्थापन अभिक्रिया है।
B सही है — एक यौगिक का टूटकर सरल पदार्थों में परिवर्तित होना ही वियोजन अभिक्रिया की मुख्य विशेषता है।
याद रखें, वियोजन अभिक्रिया में ऊर्जा की आवश्यकता होती है, इसलिए इनमें से अधिकांश ऊष्माशोषी (Endothermic) होती हैं।