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यदि टैकीओमीटर (tacheometer) में बाहरी फोकसिंग टेलीस्कोप का उपयोग किया जाता है, तो इसके द्वारा प्रदान किए जाने वाले अतिरिक्त लेंस को ___ के रूप में जाना जाता है
उत्तल काँच (Convex glass)
अवतल काँच (Concave glass)
एनालेटिक लेंस (Anallatic lens)
A या C में
A या C में
टैकीओमीटर के बाहरी फोकसिंग टेलीस्कोप में प्रदान किया गया एक अतिरिक्त लेंस एनालेटिक लेंस होता है, जो भौतिक रूप से एक उत्तल काँच (convex glass) का लेंस होता है। इसे ऑब्जेक्ट ग्लास और आईपीस के बीच योज्य स्थिरांक (additive constant) C=(f+d) को समाप्त करने के लिए लगाया जाता है, जिससे C=0 हो जाता है। इसलिए, विकल्प A (उत्तल काँच) और विकल्प C (एनालेटिक लेंस) दोनों इस लेंस का वर्णन करते हैं, जिससे विकल्प D सही विकल्प बनता है।
टैकीओमीटर के बाहरी फोकसिंग टेलीस्कोप में प्रदान किया गया एक अतिरिक्त लेंस एनालेटिक लेंस होता है, जो भौतिक रूप से एक उत्तल काँच (convex glass) का लेंस होता है। इसे ऑब्जेक्ट ग्लास और आईपीस के बीच योज्य स्थिरांक (additive constant) C=(f+d) को समाप्त करने के लिए लगाया जाता है, जिससे C=0 हो जाता है। इसलिए, विकल्प A (उत्तल काँच) और विकल्प C (एनालेटिक लेंस) दोनों इस लेंस का वर्णन करते हैं, जिससे विकल्प D सही विकल्प बनता है।
D=K⋅s+C — सामान्य टैकीओमीट्रिक दूरी समीकरण
K=if=100 — गुणक स्थिरांक (Multiplying constant)
C=f+d=0 — योज्य स्थिरांक (एनालेटिक उत्तल लेंस के साथ)
एक साधारण बाहरी फोकसिंग टेलीस्कोप में, टैकीओमीट्रिक दूरी समीकरण D=K⋅s+C होता है, जहाँ C=(f+d) योज्य स्थिरांक है। ऑब्जेक्ट ग्लास और आईपीस के बीच एक निश्चित दूरी पर एक विशेष उत्तल लेंस (एनालेटिक लेंस) लगाकर, मापने वाले त्रिभुज का शीर्ष सीधे उपकरण के लंबवत अक्ष (vertical axis) पर स्थानांतरित हो जाता है। यह योज्य स्थिरांक C को शून्य होने के लिए बाध्य करता है, जिससे फ़ील्ड गणना सीधे रैखिक अनुपात D=K⋅s में सरल हो जाती है।
एनालेटिक लेंस एक उत्तल काँच का लेंस होता है जो बाहरी फोकसिंग टेलीस्कोप के अंदर ऑब्जेक्टिव ग्लास और आईपीस के बीच लगा होता है।
इसका मुख्य उद्देश्य योज्य स्थिरांक C=(f+d) को शून्य के बराबर बनाना है।
यह फ़ील्ड गणनाओं को सरल बनाता है, जिससे D=100×s के रूप में सीधी दूरी की गणना संभव हो जाती है, जहाँ s स्टाफ प्रतिच्छेदन (staff intercept) है।
आंतरिक फोकसिंग टेलीस्कोप में स्वभावतः योज्य स्थिरांक शून्य के करीब होता है, इसलिए आम तौर पर एक अतिरिक्त एनालेटिक लेंस की आवश्यकता नहीं होती है।
योज्य पद को समाप्त करके टैकीओमीट्रिक सर्वेक्षण में दूरी की गणना को सरल बनाता है।
सीधी गणना से समय की बचत होती है और फ़ील्ड मैपिंग के दौरान मैनुअल गणना की त्रुटियाँ कम होती हैं।
अतिरिक्त काँच के लेंस के माध्यम से प्रकाश के अवशोषण के कारण छवि की चमक और स्पष्टता कम हो जाती है।
टेलीस्कोप असेंबली की आंतरिक जटिलता और लागत को बढ़ाता है।
विषम, दुर्गम भूभागों में स्थलाकृतिक मानचित्रण (Topographic mapping) और विवरण सर्वेक्षण।
राजमार्गों, रेलवे और जल-सर्वेक्षण परियोजनाओं के लिए टोह सर्वेक्षण (Reconnaissance surveys)।
विकल्प A (उत्तल काँच): लेंस के ऑप्टिकल प्रकार और सामग्री के संबंध में सही।
विकल्प B (अवतल काँच): गलत, क्योंकि एक अवतल लेंस विश्लेषणात्मक केंद्र को स्थानांतरित करने के लिए प्रकाश किरणों को केंद्रित करने के बजाय अपसरित (diverge) करेगा।
विकल्प C (एनालेटिक लेंस): टैकीओमेट्री में उपयोग किए जाने वाले अतिरिक्त लेंस का सही कार्यात्मक नाम।
विकल्प D (A या C में): सही विकल्प, क्योंकि अतिरिक्त लेंस को कार्यात्मक रूप से 'एनालेटिक लेंस' कहा जाता है और संरचनात्मक रूप से यह 'उत्तल काँच' से बना होता है।
D सही है — बाहरी फोकसिंग टेलीस्कोप में दिए गए अतिरिक्त लेंस को कार्यात्मक रूप से एनालेटिक लेंस कहा जाता है, जो संरचनात्मक रूप से एक उत्तल काँच का लेंस है।
याद रखें कि C=0 बनाने के लिए विशेष रूप से बाहरी फोकसिंग टेलीस्कोप में एक एनालेटिक लेंस का उपयोग किया जाता है; आंतरिक फोकसिंग टेलीस्कोप में स्वभावतः योज्य स्थिरांक शून्य के करीब होता है।