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इंजीनियरिंग अर्थशास्त्र के उद्देश्यों के संदर्भ में निम्नलिखित में से सही कथन चुनें। (i) यह गणितीय तकनीकों का एक संग्रह है जो विभिन्न विकल्पों की आर्थिक तुलना को संतुष्ट करता है। (ii) यह एक निर्णय सहायता उपकरण है जिसके द्वारा किसी एक विधि को सबसे आर्थिक रूप से चुना जाएगा। (iii) इसके लिए अर्थव्यवस्था की बुनियादी शब्दावली और मौलिक अवधारणाओं की समझ की आवश्यकता होती है।
(i) और (ii)
(i) और (iii)
(ii) और (iii)
(i), (ii) और (iii)
(i), (ii) और (iii)
इंजीनियरिंग अर्थशास्त्र अर्थशास्त्र की एक विशिष्ट शाखा है जो इंजीनियरिंग डिजाइन और विश्लेषण को व्यवस्थित आर्थिक मूल्यांकन के साथ एकीकृत करती है। यह इष्टतम वित्तीय संसाधन उपयोग सुनिश्चित करने के लिए उनकी पूंजी आवश्यकताओं, परिचालन लागतों और जीवनचक्र लाभों के आधार पर विभिन्न तकनीकी विकल्पों की तुलना करने के लिए आवश्यक मात्रात्मक ढांचा प्रदान करता है।
इंजीनियरिंग अर्थशास्त्र अर्थशास्त्र की एक विशिष्ट शाखा है जो इंजीनियरिंग डिजाइन और विश्लेषण को व्यवस्थित आर्थिक मूल्यांकन के साथ एकीकृत करती है। यह इष्टतम वित्तीय संसाधन उपयोग सुनिश्चित करने के लिए उनकी पूंजी आवश्यकताओं, परिचालन लागतों और जीवनचक्र लाभों के आधार पर विभिन्न तकनीकी विकल्पों की तुलना करने के लिए आवश्यक मात्रात्मक ढांचा प्रदान करता है।
PV=(1+i)nFV — भविष्य के नकदी प्रवाह को बट्टा करने (discounting) के लिए वर्तमान मूल्य की गणना
NPV=∑t=0n(1+i)tRt — एक निवेश का नेट प्रेजेंट वैल्यू
यह सिद्धांत पैसे के समय मूल्य (Time Value of Money - TVM) और नकदी प्रवाह विश्लेषण (cash flow analysis) के व्यवस्थित अनुप्रयोग पर निर्भर करता है। सभी भविष्य की लागतों और लाभों को वर्तमान मूल्य (PV) या वार्षिक समकक्ष (AE) में बदलकर, एक इंजीनियर नेट प्रेजेंट वैल्यू (NPV), इंटरनल रेट ऑफ रिटर्न (IRR), या बेनिफिट-कोस्ट रेशियो (BCR) जैसे मेट्रिक्स का उपयोग करके निष्पक्ष रूप से विकल्पों को रैंक कर सकता है।
यह तकनीकी डिजाइन और वित्तीय व्यवहार्यता के बीच की खाई को पाटता है।
चक्रवृद्धि ब्याज (compound interest) और मूल्यह्रास (depreciation) जैसे गणितीय मॉडल इस क्षेत्र के केंद्र में हैं।
निर्णय लेना केवल प्रारंभिक पूंजी निवेश के बजाय दीर्घकालिक मूल्य पर आधारित होता है।
जोखिम मूल्यांकन और संवेदनशीलता विश्लेषण के लिए मौलिक आर्थिक साक्षरता आवश्यक है।
पूंजी-गहन परियोजनाओं में वित्तीय जोखिम को कम करता है
परियोजना चयन के लिए एक मानकीकृत तर्क प्रदान करता है
भविष्य की ब्याज दरों और बाजार के रुझानों की भविष्यवाणी में अनिश्चितता शामिल है
सामाजिक और पर्यावरणीय प्रभावों को कभी-कभी मौद्रिक रूप से मापना मुश्किल होता है
पूंजीगत बजट (Capital Budgeting)
उपकरण प्रतिस्थापन विश्लेषण
परियोजना व्यवहार्यता अध्ययन
इंजीनियरिंग अर्थशास्त्र यह सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण है कि इंजीनियरिंग समाधान न केवल तकनीकी रूप से सुदृढ़ हों बल्कि आर्थिक रूप से भी कुशल हों।
कथन (i) विश्लेषणात्मक पहलू को दर्शाता है, (ii) परिणाम/प्रबंधकीय पहलू को दर्शाता है, और (iii) वैचारिक आवश्यकता को परिभाषित करता है।
D सही है — तीनों कथन मुख्य स्तंभों का प्रतिनिधित्व करते हैं: गणितीय कठोरता (i), प्रबंधकीय निर्णय-क्षमता (ii), और इंजीनियरिंग अर्थशास्त्र के लिए आवश्यक मूलभूत ज्ञान (iii)।
IRR और छूट दर (discount rate) के बीच संबंधों पर ध्यान दें; यदि IRR>MARR (न्यूनतम आकर्षक प्रतिफल दर) है, तो परियोजना को आमतौर पर आर्थिक रूप से व्यवहार्य माना जाता है।