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हाल ही में भारतीय नौसेना में शामिल किए गए INS मालवन का निर्माण किस शिपयार्ड द्वारा किया गया था?
मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (MDL), मुंबई
गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (GRSE), कोलकाता
कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड (CSL), कोच्चि
गोवा शिपयार्ड लिमिटेड (GSL)
कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड (CSL), कोच्चि
भारतीय नौसेना ने 23 जुलाई, 2026 को कारवार में माहे-श्रेणी के दूसरे एंटी-सबमरीन वारफेयर शैलो वॉटर क्राफ्ट (ASW-SWC), INS मालवन को कमीशन किया।
INS मालवन माहे-श्रेणी श्रृंखला का दूसरा जहाज है जिसे उथले पानी में पनडुब्बी रोधी युद्ध संचालन के लिए डिज़ाइन किया गया है। इसका शामिल होना तटीय जल में भारतीय नौसेना की तटीय रक्षा और निगरानी क्षमताओं को काफी मजबूत करता है। यह परियोजना आत्मनिर्भर भारत पहल का एक प्रमुख घटक है, जिसका उद्देश्य उन्नत नौसैनिक जहाज निर्माण में आत्मनिर्भरता प्राप्त करना है। इस जहाज में लगभग 80 प्रतिशत स्वदेशी सामग्री शामिल है, जो भारत के घरेलू रक्षा विनिर्माण क्षेत्र की बढ़ती आत्मनिर्भरता को दर्शाता है।
कमीशनिंग तिथि: 23 जुलाई, 2026
जहाज श्रेणी: माहे-श्रेणी एंटी-सबमरीन वारफेयर शैलो वॉटर क्राफ्ट (ASW-SWC)
स्वदेशी सामग्री: लगभग 80 प्रतिशत
निर्माता: गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (GRSE), कोलकाता
कमीशनिंग स्थान: कारवार
B सही है — INS मालवन को गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (GRSE), कोलकाता द्वारा डिज़ाइन और निर्मित किया गया था।
याद रखें कि GRSE, कोलकाता ऐतिहासिक रूप से ASW-SWC जैसे छोटे, विशेष नौसैनिक जहाजों के लिए अग्रणी शिपयार्ड रहा है, जबकि विध्वंसक (Destroyers) जैसे बड़े प्लेटफॉर्म आमतौर पर मुंबई में MDL द्वारा बनाए जाते हैं।