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______ के परिणामस्वरूप विभिन्न प्रकार के स्थायी ऊतक उत्पन्न होते हैं।
दीर्घीकरण (Elongation)
विभेदन (Differentiation)
वर्धी प्रजनन (Vegetative Propagation)
अंकुरण (Germination)
विभेदन (Differentiation)
विभेदन (Differentiation) वह जैविक प्रक्रिया है जिसके माध्यम से मेरिस्टेमेटिक (विभज्योतक) ऊतकों की कोशिकाएं विशेष रूप और विशिष्ट कार्य करने की क्षमता प्राप्त करके स्थायी ऊतकों में परिवर्तित हो जाती हैं। विभाजन में सक्षम कोशिकाएं जब अपनी विभाजन क्षमता खो देती हैं और एक निश्चित आकार और कार्य ग्रहण कर लेती हैं, तो उसे विभेदन कहा जाता है।
विभेदन (Differentiation) वह जैविक प्रक्रिया है जिसके माध्यम से मेरिस्टेमेटिक (विभज्योतक) ऊतकों की कोशिकाएं विशेष रूप और विशिष्ट कार्य करने की क्षमता प्राप्त करके स्थायी ऊतकों में परिवर्तित हो जाती हैं। विभाजन में सक्षम कोशिकाएं जब अपनी विभाजन क्षमता खो देती हैं और एक निश्चित आकार और कार्य ग्रहण कर लेती हैं, तो उसे विभेदन कहा जाता है।
एक स्कूल के छात्रों का उदाहरण लें; प्रारंभिक चरण में सभी सामान्य पढ़ाई करते हैं (विभज्योतक ऊतक), लेकिन समय के साथ वे इंजीनियर, डॉक्टर या कलाकार बन जाते हैं (स्थायी ऊतक), जो उन्हें उनके विशिष्ट कार्यों के लिए तैयार करता है।
पौधों के शीर्षस्थ और पार्श्व विभज्योतक ऊतकों की कोशिकाएं लगातार विभाजित होकर नई कोशिकाएं बनाती हैं। इन नई उत्पन्न कोशिकाओं में से कुछ कोशिकाएं अपनी विभाजन क्षमता का त्याग कर देती हैं और विशिष्ट संरचनात्मक परिवर्तनों से गुजरती हैं। इस प्रक्रिया के परिणामस्वरूप कोशिका के प्रोटोप्लाज्म, कोशिका भित्ति और अंगकों में परिवर्तन होता है, जो उन्हें पैरेन्काइमा, कोलेनकाइमा या जाइलम/फ्लोएम जैसे स्थायी ऊतकों में बदल देता है।
विभज्योतक ऊतक (Meristematic tissue) विभाजन में सक्षम होते हैं।
स्थायी ऊतक (Permanent tissue) आमतौर पर विभाजित नहीं होते हैं।
विभेदन कोशिकाओं की रूपांतरण प्रक्रिया है।
पौधे के विशिष्ट अंगों के विशेष कार्यों को पूरा करने में मदद करता है (जैसे जल परिवहन या खाद्य भंडारण)।
पौधे की संरचनात्मक स्थिरता सुनिश्चित करता है।
जाइलम और फ्लोएम का गठन करके पौधे के शरीर में संवहनी प्रणाली बनाना।
तने या जड़ को मजबूती प्रदान करना।
विभज्योतक ऊतक और स्थायी ऊतक के बीच का अंतर मुख्य रूप से विभेदन प्रक्रिया पर निर्भर करता है।
दीर्घीकरण (Elongation) वृद्धि का एक चरण है जिसमें कोशिका की लंबाई बढ़ती है, यह स्थायी ऊतक गठन का कारण नहीं है।
वर्धी प्रजनन (Vegetative Propagation) प्रजनन की एक विधि है।
B सही है — विभेदन (Differentiation) प्रक्रिया के परिणामस्वरूप ही विभज्योतक ऊतक की कोशिकाएं स्थायी ऊतकों में परिवर्तित होती हैं।
याद रखें, विभज्योतक ऊतक से स्थायी ऊतक बनने की प्रक्रिया हमेशा 'विभेदन' (Differentiation) कहलाती है, जो पादप शरीर क्रिया विज्ञान अध्याय का एक महत्वपूर्ण प्रश्न है।