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मेजर प्रिंसिपल प्लेन (major principal plane) के साथ फेलियर प्लेन (failure plane) का कोण किसके द्वारा दिया जाता है?
90° + प्रभावी शियरिंग रेजिस्टेंस का कोण
90° + शियरिंग रेजिस्टेंस के कोण का आधा
45° - शियरिंग रेजिस्टेंस के कोण का आधा
45° + शियरिंग रेजिस्टेंस के कोण का आधा
45° + शियरिंग रेजिस्टेंस के कोण का आधा
मोह्र-कूलम्ब (Mohr-Coulomb) फेलियर मानदंड के अनुसार, मृदा द्रव्यमान (soil mass) में मेजर प्रिंसिपल प्लेन के साथ α कोण पर झुका हुआ फेलियर प्लेन, आंतरिक घर्षण कोण (ϕ)द्वारा निर्धारित किया जाता है। मोह्र के वृत्त (Mohr's circle) का उपयोग करके किया गया विश्लेषणात्मक व्युत्पन्न यह दर्शाता है कि अधिकतम शियर स्ट्रेस का प्लेन और वास्तविक फेलियर प्लेन तब तक एक समान नहीं होते जब तक कि ϕ=0 न हो; घर्षण वाली मृदा (frictional soils) के लिए, फेलियर प्लेन मेजर प्रिंसिपल प्लेन के सापेक्ष 45° + ϕ/2के कोण पर होता है।
मोह्र-कूलम्ब (Mohr-Coulomb) फेलियर मानदंड के अनुसार, मृदा द्रव्यमान (soil mass) में मेजर प्रिंसिपल प्लेन के साथ α कोण पर झुका हुआ फेलियर प्लेन, आंतरिक घर्षण कोण (ϕ)द्वारा निर्धारित किया जाता है। मोह्र के वृत्त (Mohr's circle) का उपयोग करके किया गया विश्लेषणात्मक व्युत्पन्न यह दर्शाता है कि अधिकतम शियर स्ट्रेस का प्लेन और वास्तविक फेलियर प्लेन तब तक एक समान नहीं होते जब तक कि ϕ=0 न हो; घर्षण वाली मृदा (frictional soils) के लिए, फेलियर प्लेन मेजर प्रिंसिपल प्लेन के सापेक्ष 45° + ϕ/2के कोण पर होता है।
α=45°+2ϕ — मेजर प्रिंसिपल प्लेन के साथ फेलियर प्लेन का कोण
τf=c+σntanϕ — मोह्र-कूलम्ब फेलियर मानदंड
जब मृदा के नमूने पर प्रिंसिपल स्ट्रेस σ1 और σ3 लागू किया जाता है, तो स्ट्रेस की स्थिति को मोह्र के वृत्त द्वारा दर्शाया जाता है। फेलियर एनवेलप को τ=c+σtanϕ द्वारा परिभाषित किया जाता है। मोह्र के वृत्त पर फेलियर एनवेलप के स्पर्श बिंदु (tangency point) को ज्ञात करके, मेजर प्रिंसिपल प्लेन के साथ फेलियर प्लेन का कोण θ (या α) ज्यामितीय रूप से 45° + ϕ/2के रूप में प्राप्त किया जाता है।
मेजर प्रिंसिपल प्लेन वह प्लेन है जिस पर अधिकतम प्रिंसिपल स्ट्रेस (σ_1) कार्य करता है।
फेलियर प्लेन मृदा द्रव्यमान के भीतर संभावित फिसलन (sliding) का प्लेन है।
यदि मृदा पूरी तरह से संसंजक (cohesive) है (ϕ=0),तो फेलियर प्लेन मेजर प्रिंसिपल प्लेन के साथ 45° पर होता है।
दानेदार मृदा (granular soils) के लिए, जैसे-जैसे आंतरिक घर्षण कोण ϕबढ़ता है, फेलियर प्लेन का कोण भी बढ़ता है।
ढलान स्थिरता विश्लेषण (slope stability analysis) में फिसलन सतह के अभिविन्यास (orientation) की भविष्यवाणी करने की अनुमति देता है।
रैंकिन के सिद्धांत (Rankine's theory) में सक्रिय और निष्क्रिय मृदा दबाव (earth pressures) की गणना के लिए आवश्यक है।
यह मानता है कि मृदा एक आदर्श आइसोट्रोपिक और सजातीय पदार्थ है।
कुछ सख्त मिट्टी (stiff clays) में पाए जाने वाले नॉन-लीनियर फेलियर एनवेलप को ध्यान में नहीं रखता है।
नींव डिजाइन (बेयरिंग क्षमता विश्लेषण)।
रिटेनिंग वॉल डिजाइन (रैंकिन का मृदा दबाव सिद्धांत)।
ढलान स्थिरता विश्लेषण।
मेजर प्रिंसिपल प्लेन वह प्लेन है जिस पर सामान्य स्ट्रेस (normal stress) अधिकतम होता है और शियर स्ट्रेस शून्य होता है।
विकल्प C (45° - ϕ/2)उस कोण को संदर्भित करता है जो फेलियर प्लेन माइनर प्रिंसिपल प्लेन (minor principal plane) के साथ बनाता है।
D सही है — मृदा में फेलियर प्लेन, मेजर प्रिंसिपल स्ट्रेस की दिशा के साथ 45° + ϕ/2का कोण बनाता है।
हमेशा याद रखें कि फेलियर प्लेन मेजर प्रिंसिपल प्लेन के साथ 45° + ϕ/2के कोण पर झुका होता है, लेकिन माइनर प्रिंसिपल प्लेन के साथ 45° - ϕ/2के कोण पर होता है। परीक्षाओं में इन दोनों के बीच भ्रमित होना एक सामान्य गलती है।