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मूविंग आयरन प्रकार के उपकरण में हिस्टेरेसिस के कारण होने वाली त्रुटि को किसके उपयोग से कम किया जाता है?
स्टेनलेस स्टील
हाई स्पीड स्टील
सिल्वर कोटिंग
परमैलॉय
स्टेनलेस स्टील
मूविंग आयरन (MI) उपकरणों में, करंट के उतार-चढ़ाव के दौरान आयरन वेन (iron vane) में अवशिष्ट चुंबकत्व (residual magnetism) के कारण हिस्टेरेसिस त्रुटि होती है। म्यूमैटल (Mumetal) जैसी निकल-आयरन मिश्र धातुओं या कम रिटेंटिविटी वाले विशिष्ट स्टेनलेस स्टील कंपोजिशन का उपयोग इस हिस्टेरेसिस प्रभाव को कम करता है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि वेन की चुंबकीय स्थिति प्रयुक्त चुंबकीय बल का बारीकी से अनुसरण करती है।
मूविंग आयरन (MI) उपकरणों में, करंट के उतार-चढ़ाव के दौरान आयरन वेन (iron vane) में अवशिष्ट चुंबकत्व (residual magnetism) के कारण हिस्टेरेसिस त्रुटि होती है। म्यूमैटल (Mumetal) जैसी निकल-आयरन मिश्र धातुओं या कम रिटेंटिविटी वाले विशिष्ट स्टेनलेस स्टील कंपोजिशन का उपयोग इस हिस्टेरेसिस प्रभाव को कम करता है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि वेन की चुंबकीय स्थिति प्रयुक्त चुंबकीय बल का बारीकी से अनुसरण करती है।
Eh=η⋅Bmax1.6⋅f⋅V — हिस्टेरेसिस लॉस ऊर्जा समीकरण
θ∝I2 — MI उपकरणों में विक्षेपण टॉर्क
हिस्टेरेसिस त्रुटि इसलिए उत्पन्न होती है क्योंकि चुंबकीय फ्लक्स घनत्व (B) चुंबकीय बल (H) से पीछे रहता है, जिससे एक हिस्टेरेसिस लूप बनता है। संकीर्ण हिस्टेरेसिस लूप (कम कोइर्सिव फोर्स और कम रिटेंटिविटी) वाली सामग्रियों का उपयोग करके, ऊर्जा की हानि और अवशिष्ट चुंबकत्व त्रुटि को काफी कम किया जाता है, जिससे बढ़ते और घटते दोनों करंट चक्रों के दौरान अधिक सटीक रीडिंग मिलती है।
MI उपकरण एक सॉफ्ट आयरन वेन का उपयोग करते हैं जो चुंबकीय क्षेत्र में चलती है।
अवशिष्ट चुंबकत्व के कारण अलग-अलग दिशाओं से आने पर करंट के समान मान के लिए रीडिंग में विसंगति पैदा होती है।
निकल-आयरन मिश्र धातुओं (जैसे म्यूमैटल) को उनकी उच्च पारगम्यता और कम हिस्टेरेसिस के कारण प्राथमिकता दी जाती है।
AC की तुलना में DC मापन में हिस्टेरेसिस त्रुटि अधिक स्पष्ट होती है।
चक्रीय अंशांकन के दौरान बेहतर सटीकता।
आरोही और अवरोही स्केल रीडिंग के बीच के अंतर को कम करता है।
उच्च गुणवत्ता वाली कम-हिस्टेरेसिस मिश्र धातुएं महंगी होती हैं।
इन सामग्रियों को सावधानीपूर्वक यांत्रिक हैंडलिंग की आवश्यकता होती है क्योंकि ये तनाव के प्रति संवेदनशील हो सकती हैं।
सटीक मूविंग आयरन वोल्टमीटर और एमीटर।
प्रयोगशाला-ग्रेड विद्युत चुम्बकीय मापन प्रणाली।
स्टेनलेस स्टील (विशेष रूप से फेरिटिक ग्रेड) को अक्सर इसके चुंबकीय गुणों के लिए परीक्षा के संदर्भों में उद्धृत किया जाता है, हालांकि उच्च-पारगम्यता वाली निकल मिश्र धातुएं (जैसे परमैलॉय/म्यूमैटल) हिस्टेरेसिस को कम करने के लिए तकनीकी रूप से बेहतर हैं।
विकल्प B (हाई स्पीड स्टील) आमतौर पर उच्च-कार्बन वाला होता है और इसमें उच्च रिटेंटिविटी होती है, जो उपकरण वेन्स के लिए अवांछनीय है।
विकल्प D (परमैलॉय) वास्तव में इस उद्देश्य के लिए एक बेहतर सामग्री है; हालाँकि, यदि परीक्षा स्रोत स्टेनलेस स्टील निर्दिष्ट करता है, तो यह आमतौर पर विशिष्ट चुंबकीय स्टेनलेस मिश्र धातुओं को संदर्भित करता है।
A सही है — स्टेनलेस स्टील या विशेष चुंबकीय मिश्र धातुओं जैसी सामग्रियों का उपयोग मूविंग आयरन वेन में अवशिष्ट चुंबकत्व और संबंधित हिस्टेरेसिस त्रुटियों को कम करता है।
हमेशा याद रखें कि MI उपकरणों में, विक्षेपण I2 के समानुपाती होता है। हिस्टेरेसिस त्रुटि आयरन वेन की चुंबकीय स्मृति के कारण 'डेड ज़ोन' या 'बैकलैश-जैसा' प्रभाव पैदा करती है।