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तीन-फेज इंडक्शन मोटर का उच्च वोल्टेज (high voltage) परीक्षण इनके बीच लागू किया जाना चाहिए:
वाइंडिंग और फ्रेम
प्रत्येक फेज और फ्रेम
दोनों वाइंडिंग और फ्रेम तथा प्रत्येक फेज और फ्रेम
प्रत्येक फेज और स्लिप रिंग
दोनों वाइंडिंग और फ्रेम तथा प्रत्येक फेज और फ्रेम
तीन-फेज इंडक्शन मोटर के लिए उच्च वोल्टेज (HV) परीक्षण, जिसे अक्सर हाई-पोटेंशियल या Hi-Pot परीक्षण कहा जाता है, एक अनिवार्य डाइइलेक्ट्रिक स्ट्रेंथ सत्यापन है। इसके लिए संयुक्त फेज वाइंडिंग और अर्थ (फ्रेम) के बीच, और व्यक्तिगत रूप से प्रत्येक फेज और फ्रेम के बीच इन्सुलेशन प्रतिरोध का परीक्षण करना आवश्यक है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि सिम्युलेटेड ओवरवोल्टेज स्थितियों के तहत कोई डाइइलेक्ट्रिक ब्रेकडाउन नहीं होता है।
तीन-फेज इंडक्शन मोटर के लिए उच्च वोल्टेज (HV) परीक्षण, जिसे अक्सर हाई-पोटेंशियल या Hi-Pot परीक्षण कहा जाता है, एक अनिवार्य डाइइलेक्ट्रिक स्ट्रेंथ सत्यापन है। इसके लिए संयुक्त फेज वाइंडिंग और अर्थ (फ्रेम) के बीच, और व्यक्तिगत रूप से प्रत्येक फेज और फ्रेम के बीच इन्सुलेशन प्रतिरोध का परीक्षण करना आवश्यक है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि सिम्युलेटेड ओवरवोल्टेज स्थितियों के तहत कोई डाइइलेक्ट्रिक ब्रेकडाउन नहीं होता है।
Vtest=2Vrated+1000 V — Vrated>100 V वाली मशीनों के लिए मानक परीक्षण वोल्टेज सूत्र
यह परीक्षण एक मिनट की अवधि के लिए रेटेड वोल्टेज से काफी अधिक वोल्टेज (आमतौर पर 2V+1000 V, जहाँ V रेटेड वोल्टेज है) लागू करता है। यह स्टेटर वाइंडिंग इन्सुलेशन की संरचनात्मक अखंडता की पुष्टि करता है। यदि लीकेज करंट भारतीय मानकों (IS 325) द्वारा परिभाषित सुरक्षित सीमा से अधिक हो जाता है, तो इन्सुलेशन को दोषपूर्ण माना जाता है, जो संचालन के दौरान संभावित फेज-टू-ग्राउंड फॉल्ट को रोकता है।
यह परीक्षण कर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और उपकरणों को नुकसान से बचाने के लिए आवश्यक है।
परीक्षण वोल्टेज 60 सेकंड (1 मिनट) की मानक अवधि के लिए लागू किया जाता है।
यह इन्सुलेशन प्रणाली (स्लॉट लाइनर, वार्निश और फेज इन्सुलेशन) की डाइइलेक्ट्रिक शक्ति की जांच करता है।
IS 325 भारत में तीन-फेज इंडक्शन मोटर परीक्षण के लिए शासी मानक है।
खराब वार्निश संसेचन (impregnation) जैसी निर्माण त्रुटियों का पता लगाता है।
कमीशनिंग से पहले इन्सुलेशन की कमजोरियों की पहचान करता है।
समय से पहले मोटर खराब होने की संभावना को कम करता है।
यदि इन्सुलेशन पहले से ही विफलता बिंदु के करीब है तो यह विनाशकारी हो सकता है।
विशेष उच्च-वोल्टेज परीक्षण उपकरणों की आवश्यकता होती है।
नई विद्युत मशीनों का नियमित परीक्षण।
मरम्मत के बाद रखरखाव सत्यापन।
बड़ी औद्योगिक मोटरों के लिए आवधिक नैदानिक परीक्षण।
यदि मोटर में न्यूट्रल पॉइंट बाहर लाया गया है, तो उसे भी फ्रेम के खिलाफ परीक्षण किया जाना चाहिए।
जिन मोटरों में Vrated≤100 V है, उनके लिए परीक्षण वोल्टेज आमतौर पर 500 V RMS होता है।
C सही है — उच्च वोल्टेज परीक्षण को दोनों वाइंडिंग और फ्रेम के बीच, साथ ही व्यक्तिगत फेज और फ्रेम के बीच इन्सुलेशन अखंडता को सत्यापित करना चाहिए ताकि ग्राउंड फॉल्ट के खिलाफ व्यापक सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
हमेशा याद रखें कि घूर्णन मशीनों के लिए, Hi-Pot परीक्षण मानक के आधार पर 'टाइप टेस्ट' या 'रूटीन टेस्ट' होता है; क्षतिग्रस्त वाइंडिंग वाली मशीन पर कभी भी यह परीक्षण न करें क्योंकि इससे तत्काल ब्रेकडाउन हो जाएगा।