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दो समान कुंडलियां A और B में 400 फेरे हैं, जिन्हें इस प्रकार रखा गया है कि एक कुंडली द्वारा उत्पन्न फ्लक्स का 60% दूसरी कुंडली से जुड़ता है। यदि कुंडली A में 10A की धारा प्रवाहित होने पर इसमें 20 mWb का फ्लक्स उत्पन्न होता है, तो कुंडली A और B के बीच अन्योन्य प्रेरण (mutual inductance) ज्ञात कीजिए।
480 H
10 H
100 H
0.48 H
0.48 H
अन्योन्य प्रेरण को दूसरी कुंडली में धारा के कारण एक कुंडली के फ्लक्स लिंकेज द्वारा परिभाषित किया जाता है। यहाँ, अन्योन्य फ्लक्स लिंकेज की गणना कुंडली A द्वारा उत्पन्न कुल फ्लक्स के 60% के रूप में की जाती है, जो फिर कुंडली B के सभी 400 फेरों के साथ जुड़ता है।
IS 1885-32 (इलेक्ट्रोतकनीकी शब्दावली: चुंबकीय परिपथ)
अन्योन्य प्रेरण को दूसरी कुंडली में धारा के कारण एक कुंडली के फ्लक्स लिंकेज द्वारा परिभाषित किया जाता है। यहाँ, अन्योन्य फ्लक्स लिंकेज की गणना कुंडली A द्वारा उत्पन्न कुल फ्लक्स के 60% के रूप में की जाती है, जो फिर कुंडली B के सभी 400 फेरों के साथ जुड़ता है।
M=IANBΦM — अन्योन्य प्रेरण की मूल परिभाषा
ΦM=kΦA — अन्योन्य फ्लक्स गणना
जब एक धारा IA कुंडली A से प्रवाहित होती है, तो यह एक कुल फ्लक्स ΦA बनाती है। कुंडली B से जुड़ने वाला अन्योन्य फ्लक्स ΦMk×ΦA होता है, जहाँ k कपलिंग गुणांक है। अन्योन्य प्रेरण M को M=IANBΦM के रूप में परिभाषित किया जाता है।
दिया गया है NA=NB=400 फेरे।
A में फ्लक्स, ΦA=20 mWb=20×10−3 Wb।
कपलिंग गुणांक k=0.60।
अन्योन्य फ्लक्स ΦM=0.60×20×10−3=12×10−3 Wb।
अन्योन्य प्रेरण M=10400×12×10−3=0.48 H।
ट्रांसफार्मर संचालन के लिए मौलिक सिद्धांत
भौतिक संपर्क के बिना वोल्टेज परिवर्तन की अनुमति देता है
चुंबकीय कपलिंग गुणांक पर निर्भर
कोर सामग्री के गुणों के प्रति संवेदनशील
ट्रांसफार्मर
इंडक्शन मोटर
युग्मित परिपथ (Coupled circuits)
कपलिंग गुणांक k दूसरी कुंडली से जुड़ने वाले फ्लक्स के अंश का प्रतिनिधित्व करता है।
विकल्प B (10 H) अक्सर 60% लिंकेज कारक को अनदेखा करके, k=1 मानकर और गलत गणना करके प्राप्त किया जाता है।
परिणाम M=0.48 H भौतिक रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि यह आंशिक चुंबकीय लिंकेज को दर्शाता है।
D सही है — अन्योन्य प्रेरण की गणना 60% फ्लक्स लिंकेज गुणांक के आधार पर M=0.48 H के रूप में की जाती है।
हमेशा जांचें कि क्या कपलिंग गुणांक k1 (पूर्ण कपलिंग) है या उससे कम है, क्योंकि यह गैर-आदर्श चुंबकीय परिपथों में अन्योन्य प्रेरण M को सीधे प्रभावित करता है।