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1,000-2,000 किमी की मारक क्षमता वाली उस नई पीढ़ी की बैलिस्टिक मिसाइल का नाम क्या है जिसका अप्रैल 2024 में एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप पर सफलतापूर्वक उड़ान परीक्षण किया गया था?
Agni Prime
Surya
Prahaar
Akash
Agni Prime
भारत ने अप्रैल 2024 में एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से नई पीढ़ी की बैलिस्टिक मिसाइल अग्नि-प्राइम का सफलतापूर्वक उड़ान परीक्षण किया।
अग्नि-प्राइम रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) द्वारा विकसित एक अत्याधुनिक, दो-चरणीय कैनिस्टराइज्ड ठोस-ईंधन वाली बैलिस्टिक मिसाइल है। यह उड़ान परीक्षण भारत की रणनीतिक प्रतिरोध क्षमताओं को मजबूत करने और उसके परमाणु त्रय (nuclear triad) को आधुनिक बनाने में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुआ। मिसाइल अपने उड़ान पथ में उच्च सटीकता सुनिश्चित करने के लिए दोहरी रिडंडेंट नेविगेशन और मार्गदर्शन प्रणालियों का उपयोग करती है। इसका विकास अधिक लचीली, मोबाइल और विश्वसनीय वितरण प्रणालियों की ओर एक रणनीतिक बदलाव का प्रतिनिधित्व करता है।
डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप, जिसे पहले व्हीलर द्वीप के नाम से जाना जाता था, बंगाल की खाड़ी में ओडिशा के तट पर स्थित है। यह भारत की एकीकृत निर्देशित मिसाइल परीक्षण रेंज के लिए प्राथमिक सुविधा है और अग्नि श्रृंखला जैसी प्रमुख मिसाइल प्रणालियों के परीक्षण के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है।
मिसाइल का नाम: अग्नि-प्राइम (Agni-P)
मारक क्षमता: 1,000 से 2,000 किलोमीटर
परीक्षण स्थल: डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप, ओडिशा
विकास एजेंसी: रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO)
A सही है — अग्नि-प्राइम नई पीढ़ी की बैलिस्टिक मिसाइल है जिसमें कैनिस्टराइज्ड तकनीक और 1,000 से 2,000 किमी की मारक क्षमता है।
याद रखें कि अग्नि-प्राइम कम दूरी की अग्नि-I और मध्यम दूरी की अग्नि-II के बीच फिट बैठती है, जो अग्नि मिसाइल परिवार में एक रणनीतिक और सामरिक सेतु के रूप में कार्य करती है।