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कौन सी प्रमुख भारतीय पहल 2027 तक ग्रामीण स्कूलों को 5G कनेक्टिविटी प्रदान करने का लक्ष्य रखती है?
डिजिटल भारत कनेक्टिविटी मिशन
स्मार्ट क्लासरूम प्रोजेक्ट
भारतनेट चरण III
राष्ट्रीय ब्रॉडबैंड पहल
भारतनेट चरण III
भारतनेट चरण III को ग्रामीण ग्राम पंचायतों, स्कूलों और स्वास्थ्य केंद्रों को हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड और 5G कनेक्टिविटी प्रदान करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
भारतनेट दुनिया की सबसे बड़ी ग्रामीण ब्रॉडबैंड परियोजना है, जिसे शहरी-ग्रामीण डिजिटल अंतर को पाटने के लिए 2011 में राष्ट्रीय ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क के रूप में शुरू किया गया था। चरण III एक तकनीकी उन्नयन का प्रतीक है, जो अगली पीढ़ी की सेवाओं का समर्थन करने के लिए IP-MPLS इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ एक लचीले रिंग टोपोलॉजी नेटवर्क में बदल रहा है। यह परियोजना ग्रामीण क्षेत्रों में टेली-मेडिसिन, ई-गवर्नेंस और ई-शिक्षा तक पहुंच सक्षम करके 'डिजिटल इंडिया' के दृष्टिकोण को साकार करने के लिए महत्वपूर्ण है। इसे मुख्य रूप से डिजिटल भारत निधि के माध्यम से वित्तपोषित किया जाता है, जिसने यूनिवर्सल सर्विस ऑब्लिगेशन फंड (USOF) का स्थान ले लिया है।
दूरसंचार विभाग भारत सरकार के संचार मंत्रालय के अंतर्गत कार्य करता है। परियोजना का विकास सभी नागरिकों के लिए, विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में, सार्वजनिक सेवाओं और तकनीक तक समान पहुंच सुनिश्चित करने के संवैधानिक निर्देश के अनुरूप है।
भारतनेट चरण III का लक्ष्य प्रति रिंग 8 से 10 नोड्स की रिंग टोपोलॉजी का उपयोग करके ग्राम पंचायतों को जोड़ना है।
परियोजना विस्तार का लक्ष्य सभी सरकारी माध्यमिक विद्यालयों और ग्रामीण प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को जोड़ना है।
भारत ब्रॉडबैंड नेटवर्क लिमिटेड (BBNL), एक विशेष प्रयोजन वाहन, BSNL के साथ कार्यान्वयन की देखरेख करता है।
मार्च 2026 तक 2.15 लाख से अधिक ग्राम पंचायतें हाई-स्पीड इंटरनेट से जुड़ चुकी थीं।
C सही है — भारतनेट चरण III का लक्ष्य ग्रामीण शैक्षिक और स्वास्थ्य संस्थानों को जोड़ने के लिए उन्नत नेटवर्क लचीलापन और 5G-रेडी इंफ्रास्ट्रक्चर को एकीकृत करना है।
याद रखें कि भारतनेट एक 'होलसेल इंफ्रास्ट्रक्चर' परियोजना है जहाँ सरकार बैकबोन का निर्माण करती है, और विभिन्न सेवा प्रदाता नागरिकों तक अंतिम-मील (last-mile) इंटरनेट पहुँचाने के लिए इसे पट्टे पर लेते हैं।