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निम्नलिखित में से कौन सा कथन सबसे अच्छी तरह स्पष्ट करता है कि मानव जैविक आवर्धन (biological magnification) से गंभीर रूप से प्रभावित क्यों होते हैं?
मानव विषाक्त पदार्थों को तोड़ सकते हैं
मानव खाद्य श्रृंखला में सबसे अच्छे अपघटक (decomposers) हैं
मानव खाद्य श्रृंखला में अन्य उपभोक्ताओं की तुलना में कम भोजन का उपभोग करते हैं
मानव कई खाद्य श्रृंखलाओं में शीर्ष पोषी स्तर (trophic level) पर स्थित हैं
मानव कई खाद्य श्रृंखलाओं में शीर्ष पोषी स्तर (trophic level) पर स्थित हैं
जैविक आवर्धन, या बायोमैग्निफिकेशन, एक खाद्य श्रृंखला में प्रत्येक क्रमिक पोषी स्तर पर स्थायी विषाक्त पदार्थों की बढ़ती हुई सांद्रता है। चूंकि मानव अधिकांश खाद्य श्रृंखलाओं के शीर्ष पर स्थित हैं, इसलिए वे उन गैर-बायोडिग्रेडेबल प्रदूषकों की उच्चतम सांद्रता जमा करते हैं जो उत्पादकों और प्राथमिक उपभोक्ताओं के माध्यम से ऊपर की ओर आते हैं।
जैविक आवर्धन, या बायोमैग्निफिकेशन, एक खाद्य श्रृंखला में प्रत्येक क्रमिक पोषी स्तर पर स्थायी विषाक्त पदार्थों की बढ़ती हुई सांद्रता है। चूंकि मानव अधिकांश खाद्य श्रृंखलाओं के शीर्ष पर स्थित हैं, इसलिए वे उन गैर-बायोडिग्रेडेबल प्रदूषकों की उच्चतम सांद्रता जमा करते हैं जो उत्पादकों और प्राथमिक उपभोक्ताओं के माध्यम से ऊपर की ओर आते हैं।
यह अवधारणा पारिस्थितिकी और पर्यावरण का एक मौलिक सिद्धांत है, जो विशेष रूप से पारिस्थितिकी तंत्र में पोषी स्तरों और ऊर्जा प्रवाह के अध्ययन के अंतर्गत आता है।
बायोमैग्निफिकेशन में आमतौर पर डीडीटी, पारा और पीसीबी जैसे स्थायी कार्बनिक प्रदूषक शामिल होते हैं।
महत्वपूर्ण बायोमैग्निफिकेशन के लिए विषाक्त पदार्थों का वसा-घुलनशील (fat-soluble) होना और चयापचय अपघटन के प्रति प्रतिरोधी होना आवश्यक है।
ऊर्जा प्रवाह का 10 प्रतिशत नियम बताता है कि जैसे-जैसे ऊर्जा पोषी स्तरों में ऊपर जाती है, वह घटती जाती है, जबकि विषाक्त पदार्थों की सांद्रता बढ़ जाती है।
डीडीटी उन पहले पदार्थों में से एक था जिन्हें गंभीर बायोमैग्निफिकेशन का कारण माना गया, जिसके कारण शिकारी पक्षियों के अंडों के छिलके पतले होने लगे थे।
विकल्प A गलत है क्योंकि मनुष्यों में कई सिंथेटिक स्थायी विषाक्त पदार्थों को तोड़ने की शारीरिक क्षमता नहीं होती है।
विकल्प B गलत है क्योंकि कवक और बैक्टीरिया जैसे अपघटक पोषक चक्रण के अंतिम चरण पर कब्जा करते हैं, न कि मानव।
विकल्प C गलत है क्योंकि भोजन की मात्रा अप्रासंगिक है; प्रदूषकों की सांद्रता जीव की पोषी स्थिति पर निर्भर करती है।
D सही है — मानव कई खाद्य श्रृंखलाओं में शीर्ष पोषी स्तर पर स्थित हैं, जिसके परिणामस्वरूप स्थायी विषाक्त पदार्थों का सबसे अधिक संचय होता है।
इसे जापान में पारे (mercury) के जहर के कारण हुई 'मीनामाता रोग' से जोड़ें, जो UPSC/SSC परीक्षाओं में बायोमैग्निफिकेशन और पर्यावरणीय स्वास्थ्य के लिए एक क्लासिक ऐतिहासिक केस स्टडी के रूप में कार्य करता है।