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थियोडोलाइट के अस्थायी समायोजन (temporary adjustment) के लिए निम्नलिखित में से कौन सा चरण आवश्यक है?
लेवलिंग (Levelling)
सेंटरिंग (Centering)
पैरालैक्स का उन्मूलन (Elimination of parallax)
उपरोक्त सभी
उपरोक्त सभी
थियोडोलाइट के अस्थायी समायोजन उन आवश्यक प्रक्रियाओं को संदर्भित करते हैं जिन्हें अवलोकन के लिए तैयार करने हेतु प्रत्येक उपकरण स्टेशन पर किया जाता है। ये चरण सेंटरिंग, लेवलिंग और पैरालैक्स का उन्मूलन हैं, जो सामूहिक रूप से यह सुनिश्चित करते हैं कि उपकरण सही ढंग से प्लंब (plumb) और लेवल (leveled) है, और लक्ष्य की छवि सटीक रूप से रेटिकल तल (reticle plane) पर बनी है।
थियोडोलाइट के अस्थायी समायोजन उन आवश्यक प्रक्रियाओं को संदर्भित करते हैं जिन्हें अवलोकन के लिए तैयार करने हेतु प्रत्येक उपकरण स्टेशन पर किया जाता है। ये चरण सेंटरिंग, लेवलिंग और पैरालैक्स का उन्मूलन हैं, जो सामूहिक रूप से यह सुनिश्चित करते हैं कि उपकरण सही ढंग से प्लंब (plumb) और लेवल (leveled) है, और लक्ष्य की छवि सटीक रूप से रेटिकल तल (reticle plane) पर बनी है।
ϵp=0 — लक्ष्य पैरालैक्स त्रुटि ϵp को शून्य तक कम करना है, जिसके लिए फोकस को तब तक समायोजित किया जाता है जब तक कि छवि और रेटिकल एक ही तल में न आ जाएं।
1. सेंटरिंग: प्लंब बॉब या ऑप्टिकल प्लमेट का उपयोग करके थियोडोलाइट की ऊर्ध्वाधर धुरी को सर्वे स्टेशन मार्क के ठीक ऊपर रखना। 2. लेवलिंग: फुट स्क्रू को तब तक समायोजित करना जब तक कि प्लेट के बुलबुले केंद्र में न आ जाएं, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि ऊर्ध्वाधर धुरी वास्तव में ऊर्ध्वाधर है। 3. पैरालैक्स का उन्मूलन: ऑब्जेक्टिव और आईपिस फोकस को समायोजित करना ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि जब प्रेक्षक अपनी आंख की स्थिति बदलता है तो छवि क्रॉस-हेयर के सापेक्ष स्थिर दिखाई दे।
सेंटरिंग उपकरण की क्षैतिज स्थिति स्थापित करती है।
लेवलिंग उपकरण की धुरी की ऊर्ध्वाधरता स्थापित करती है।
पैरालैक्स का उन्मूलन लक्ष्यों को देखने में सटीकता सुनिश्चित करता है।
इन समायोजनों को 'अस्थायी' कहा जाता है क्योंकि हर बार जब थियोडोलाइट को एक नए स्टेशन पर ले जाया जाता है, तो इन्हें दोहराना पड़ता है।
कोणीय माप में उच्च परिशुद्धता सुनिश्चित करता है।
गलत संरेखित उपकरण के कारण होने वाली व्यवस्थित त्रुटियों को रोकता है।
यदि जमीन असमान हो तो यह समय लेने वाली प्रक्रिया है।
कुशलतापूर्वक प्राप्त करने के लिए महत्वपूर्ण अभ्यास की आवश्यकता होती है।
भूमि सर्वेक्षण में ट्रैवर्सिंग।
त्रिकोणीय और नियंत्रण सर्वेक्षण।
स्थलाकृतिक मानचित्रण।
अस्थायी समायोजन को 'स्थायी समायोजन' के विपरीत रखा गया है, जिनकी आवश्यकता केवल तब होती है जब उपकरण के घटकों के बीच मौलिक ज्यामितीय संबंध बाधित हो जाते हैं (उदाहरण के लिए, प्लेट स्तर की धुरी ऊर्ध्वाधर धुरी के लंबवत न होना)।
पैरालैक्स को समाप्त न करने से गलत रीडिंग प्राप्त होती है क्योंकि प्रेक्षक की आंख की गति के साथ दृष्टि रेखा (line of sight) बदल जाती है।
D सही है — सूचीबद्ध सभी चरण (सेंटरिंग, लेवलिंग और पैरालैक्स का उन्मूलन) थियोडोलाइट के लिए अस्थायी समायोजन प्रक्रिया के आवश्यक घटक हैं।
हमेशा याद रखें कि अस्थायी समायोजन उपकरण सेटअप को संदर्भित करते हैं, जबकि स्थायी समायोजन धुरियों के बीच भौतिक रूप से कारखाने द्वारा कैलिब्रेटेड संबंधों को संदर्भित करते हैं।