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'A Game of Two Halves: The Story of the Golden Era of Indian Club Football' के लेखक कौन हैं?
ऋषव राय
आनंद पटेल
सुनील छेत्री
कृष्ण राव
ऋषव राय
'A Game of Two Halves: The Story of the Golden Era of Indian Club Football' ऋषव राय द्वारा लिखित कृति है। यह पुस्तक भारतीय क्लब फुटबॉल के स्वर्ण युग के रूप में ज्ञात काल का विस्तृत ऐतिहासिक विवरण प्रदान करती है, जो उस समय के सांस्कृतिक और खेल परिदृश्य पर केंद्रित है।
'A Game of Two Halves: The Story of the Golden Era of Indian Club Football' ऋषव राय द्वारा लिखित कृति है। यह पुस्तक भारतीय क्लब फुटबॉल के स्वर्ण युग के रूप में ज्ञात काल का विस्तृत ऐतिहासिक विवरण प्रदान करती है, जो उस समय के सांस्कृतिक और खेल परिदृश्य पर केंद्रित है।
भारतीय फुटबॉल का स्वर्ण युग आमतौर पर 1950 और 1960 के दशक को माना जाता है, जो एशियाई खेलों (1951 और 1962 में स्वर्ण) और 1956 के ग्रीष्मकालीन ओलंपिक में भारत की सफल भागीदारी के साथ मेल खाता है।
यह पुस्तक 20वीं सदी के मध्य में भारतीय क्लबों की विरासत का वर्णन करती है।
ऋषव राय इस विशिष्ट ऐतिहासिक प्रलेखन के नामित लेखक हैं।
कोलकाता, मुंबई और बेंगलुरु जैसे केंद्रों में भारतीय क्लब फुटबॉल संस्कृति का काफी विकास हुआ।
'स्वर्ण युग' उस अवधि को संदर्भित करता है जब भारतीय टीमों को एशिया में सर्वश्रेष्ठ में से एक माना जाता था।
सुनील छेत्री (विकल्प C) एक प्रसिद्ध भारतीय फुटबॉलर हैं जो वर्तमान में खेल रहे हैं, न कि इस पुस्तक के लेखक।
यह प्रश्न भारतीय इतिहास से संबंधित विशिष्ट खेल साहित्य के ज्ञान का परीक्षण करता है।
A सही है — 'A Game of Two Halves: The Story of the Golden Era of Indian Club Football' ऋषव राय द्वारा लिखी गई थी।
प्रतियोगी परीक्षाओं में, हमेशा सक्रिय खिलाड़ियों की आत्मकथाओं (जैसे, बाइचुंग भूटिया की 'Goal') और स्वतंत्र लेखकों द्वारा भारतीय खेलों पर लिखे गए ऐतिहासिक शोध ग्रंथों के बीच अंतर रखें।