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1928 के बारdoली सत्याग्रह के नेता कौन थे?
महात्मा गांधी
सरदार वल्लभभाई पटेल
जवाहरलाल नेहरू
सुभाष चंद्र बोस
सरदार वल्लभभाई पटेल
सरदार वल्लभभाई पटेल ने 1928 में बारडोली सत्याग्रह का नेतृत्व किया, जो गुजरात में औपनिवेशिक सरकार द्वारा थोपे गए अन्यायपूर्ण 22 प्रतिशत राजस्व वृद्धि के खिलाफ एक प्रमुख किसान आंदोलन था। उनके सफल नेतृत्व और किसानों के संगठन ने ब्रिटिश प्रशासन को वृद्धि कम करने और जब्त की गई भूमि वापस करने के लिए मजबूर किया। इसी सफल आंदोलन के दौरान बारडोली की महिलाओं ने उन्हें 'सरदार' की उपाधि दी थी।
सरदार वल्लभभाई पटेल ने 1928 में बारडोली सत्याग्रह का नेतृत्व किया, जो गुजरात में औपनिवेशिक सरकार द्वारा थोपे गए अन्यायपूर्ण 22 प्रतिशत राजस्व वृद्धि के खिलाफ एक प्रमुख किसान आंदोलन था। उनके सफल नेतृत्व और किसानों के संगठन ने ब्रिटिश प्रशासन को वृद्धि कम करने और जब्त की गई भूमि वापस करने के लिए मजबूर किया। इसी सफल आंदोलन के दौरान बारडोली की महिलाओं ने उन्हें 'सरदार' की उपाधि दी थी।
बारडोली सत्याग्रह 1928 में गुजरात के सूरत जिले में हुआ था, जो गांधीवादी तरीकों से जन सविनय अवज्ञा के माध्यम से संचालित भारत के स्वतंत्रता संग्राम में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुआ।
गुजरात के सूरत जिले में 1928 में सरदार वल्लभभाई पटेल द्वारा नेतृत्व किया गया
ब्रिटिश औपनिवेशिक सरकार द्वारा भू-राजस्व में मनमाने ढंग से 22 प्रतिशत की वृद्धि के कारण शुरू हुआ
बारडोली की महिलाओं ने उनके सफल नेतृत्व के लिए वल्लभभाई पटेल को 'सरदार' (नेता) की उपाधि प्रदान की
ब्रूमफील्ड समिति की स्थापना का परिणाम हुआ, जिसने वृद्धि को घटाकर 6.03 प्रतिशत कर दिया
महात्मा गांधी ने 'यंग इंडिया' में अपने लेखों के माध्यम से आंदोलन का समर्थन किया था, लेकिन मैदान पर प्रत्यक्ष परिचालन नेतृत्व वल्लभभाई पटेल ने संभाला था।
विकल्प A (महात्मा गांधी) गलत है क्योंकि हालांकि उन्होंने आंदोलन को प्रेरित किया, लेकिन वे इसके प्राथमिक जमीनी नेता नहीं थे।
विकल्प C (जawaharlal Nehru) और विकल्प D (सुभाष चंद्र बोस) स्वतंत्रता संग्राम के प्रमुख राष्ट्रीय नेता थे लेकिन गुजरात के इस विशिष्ट कृषक आंदोलन के नेतृत्व से जुड़े नहीं थे।
B सही है — सरदार वल्लभभाई पटेल ने अन्यायपूर्ण राजस्व वृद्धि के खिलाफ 1928 के बारडोली सत्याग्रह का सफलतापूर्वक नेतृत्व किया।
बारडोली, चंपारण और खेड़ा जैसे किसान आंदोलनों पर आधारित प्रश्न भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के विकास और प्रमुख नेताओं से जुड़े प्रश्नों के साथ रेलवे और सिविल सेवा परीक्षाओं में अक्सर आते हैं।