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वर्मीकम्पोस्टिंग को कृषि मृदा स्वास्थ्य के लिए अत्यधिक लाभकारी क्यों माना जाता है?
यह मृदा की लवणता को बढ़ाता है
यह रासायनिक उर्वरकों की आवश्यकता को कम करता है और मृदा संरचना में सुधार करता है
यह सभी मृदा सूक्ष्मजीवों को नष्ट कर देता है
यह मृदा के तापमान को अत्यधिक बढ़ा देता है
यह रासायनिक उर्वरकों की आवश्यकता को कम करता है और मृदा संरचना में सुधार करता है
वर्मीकम्पोस्टिंग कार्बनिक कचरे को पोषक तत्वों से भरपूर ह्यूमस में विघटित करने के लिए केंचुओं का उपयोग करने की प्रक्रिया है। यह मृदा संरचना, वातन (aeration) और जल धारण क्षमता को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाता है, साथ ही आवश्यक स्थूल (macro) और सूक्ष्म पोषक तत्व प्रदान करता है, जिससे सिंथेटिक रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम हो जाती है।
वर्मीकम्पोस्टिंग कार्बनिक कचरे को पोषक तत्वों से भरपूर ह्यूमस में विघटित करने के लिए केंचुओं का उपयोग करने की प्रक्रिया है। यह मृदा संरचना, वातन (aeration) और जल धारण क्षमता को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाता है, साथ ही आवश्यक स्थूल (macro) और सूक्ष्म पोषक तत्व प्रदान करता है, जिससे सिंथेटिक रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम हो जाती है।
यह अवधारणा कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय के तहत 'राष्ट्रीय सतत कृषि मिशन' (NMSA) से संबंधित है, जो पूरे भारत में जैविक खेती के तरीकों को बढ़ावा देता है।
केंचुए जैविक बायोरेक्टर के रूप में कार्य करते हैं, जिससे मृदा में नाइट्रोजन, फास्फोरस और पोटेशियम की उपलब्धता बढ़ती है।
वर्मीकम्पोस्ट मृदा की सरंध्रता (porosity) में सुधार करता है, जिससे जड़ों का बेहतर प्रवेश और ऑक्सीजन का संचार होता है।
इसमें केंचुओं द्वारा स्रावित ऑक्सिन (auxins) और जिबरेलिन (gibberellins) जैसे लाभकारी पादप वृद्धि हार्मोन होते हैं।
इस प्रक्रिया में Eisenia fetida और Eudrilus eugeniae जैसी सामान्य केंचुआ प्रजातियां शामिल हैं।
रासायनिक उर्वरकों के विपरीत, वर्मीकम्पोस्ट मृदा के अम्लीकरण या भूजल में पोषक तत्वों के रिसाव का कारण नहीं बनता है।
विकल्प A गलत है क्योंकि वर्मीकम्पोस्टिंग मृदा संरचना में सुधार करके मृदा की लवणता को कम करती है। विकल्प C गलत है क्योंकि वर्मीकम्पोस्टिंग लाभकारी मृदा सूक्ष्मजीवी वनस्पतियों को नष्ट नहीं बल्कि बढ़ावा देती है। विकल्प D गलत है क्योंकि यह एक मृदा कंडीशनर के रूप में कार्य करता है और मृदा का तापमान नहीं बढ़ाता है।
B सही है — वर्मीकम्पोस्टिंग पोषक तत्वों का एक स्थायी स्रोत प्रदान करती है और भौतिक मृदा गुणों को बढ़ाती है, जिससे रासायनिक आदानों (inputs) की आवश्यकता कम हो जाती है।
परीक्षाओं में, वर्मीकम्पोस्टिंग को 'परंपरागत कृषि विकास योजना' (PKVY) के साथ जोड़ें, क्योंकि दोनों किसानों को जैविक और रसायन-मुक्त कृषि पद्धतियों की ओर ले जाने पर ध्यान केंद्रित करते हैं।