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विश्व रेबीज दिवस हर साल किस दिन मनाया जाता है?
26 सितंबर
27 सितंबर
28 सितंबर
29 सितंबर
28 सितंबर
रेबीज की रोकथाम और इसके उन्मूलन की दिशा में प्रगति के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए विश्व रेबीज दिवस प्रतिवर्ष 28 सितंबर को मनाया जाता है।
विश्व रेबीज दिवस मनुष्यों और जानवरों पर रेबीज के प्रभाव के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए समर्पित एक वैश्विक स्वास्थ्य दिवस है। यह तिथि लुई पाश्चर की पुण्यतिथि का प्रतीक है, जो फ्रांसीसी रसायनज्ञ और सूक्ष्मजीव विज्ञानी थे जिन्होंने पहला प्रभावी रेबीज टीका विकसित किया था। वैश्विक प्रयासों का उद्देश्य 'जीरो बाय 30' (Zero by 30) के लक्ष्य को प्राप्त करना है, जो 2030 तक कुत्तों द्वारा फैलने वाले रेबीज से होने वाली मानवीय मौतों को समाप्त करने की एक रणनीतिक योजना है। यह इस जूनोटिक बीमारी को नियंत्रित करने के लिए टीकाकरण, सार्वजनिक शिक्षा और जिम्मेदार पालतू पशु स्वामित्व के महत्व पर प्रकाश डालता है।
रेबीज एक वायरल बीमारी है जो गर्म रक्त वाले जानवरों में तीव्र एन्सेफलाइटिस (मस्तिष्क की सूजन) का कारण बनती है। यह मुख्य रूप से एक जूनोटिक बीमारी है, जिसका अर्थ है कि यह जानवरों से मनुष्यों में फैलती है, आमतौर पर संक्रमित जानवर, विशेषकर कुत्तों के काटने या खरोंचने से। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय भारत में ऐसी संचारी रोगों को नियंत्रित और रोकने के लिए विभिन्न सार्वजनिक स्वास्थ्य कार्यक्रमों का प्रबंधन करता है।
मनाए जाने की तिथि: 28 सितंबर
पहले रेबीज टीके के संस्थापक: लुई पाश्चर
कुत्तों द्वारा फैलने वाले मानवीय रेबीज के उन्मूलन के लिए वैश्विक लक्ष्य: 2030
रोग वर्गीकरण: जूनोटिक वायरल रोग
C सही है — विश्व रेबीज दिवस प्रतिवर्ष 28 सितंबर को मनाया जाता है।
विश्व रेबीज दिवस की तारीख '28' को लुई पाश्चर की पुण्यतिथि से जोड़कर याद रखें, और यह पहचानें कि 'जीरो बाय 30' का लक्ष्य 2030 की वैश्विक समय सीमा के लिए एक स्पष्ट स्मृति सहायक (mnemonic) प्रदान करता है।