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(3a + 5b + 7c)² का विस्तारित रूप लिखें।
9a² + 25b² + 49c² + 30ab + 70bc + 52ac
9a² + 25b² + 49c² + 30ab + 70bc + 42ac
9a² + 25b² + 49c² + 30ab + 65bc + 42ac
9a² + 25b² + 49c² + 34ab + 70bc + 42ac
9a² + 25b² + 49c² + 30ab + 70bc + 42ac
व्यंजक (3a + 5b + 7c)² का विस्तार बीजीय सर्वसमिका (x + y + z)² = x² + y² + z² + 2xy + 2yz + 2zx का उपयोग करके किया जाता है। x=3a, y=5b, और z=7c रखने पर परिणाम (3a)² + (5b)² + (7c)² + 2(3a)(5b) + 2(5b)(7c) + 2(7c)(3a) प्राप्त होता है, जो सरल होकर 9a² + 25b² + 49c² + 30ab + 70bc + 42ac बनता है।
व्यंजक (3a + 5b + 7c)² का विस्तार बीजीय सर्वसमिका (x + y + z)² = x² + y² + z² + 2xy + 2yz + 2zx का उपयोग करके किया जाता है। x=3a, y=5b, और z=7c रखने पर परिणाम (3a)² + (5b)² + (7c)² + 2(3a)(5b) + 2(5b)(7c) + 2(7c)(3a) प्राप्त होता है, जो सरल होकर 9a² + 25b² + 49c² + 30ab + 70bc + 42ac बनता है।
यह गणितीय सर्वसमिका बीजगणित का एक आधारभूत स्तंभ है, जिसका ऐतिहासिक विकास प्राचीन भारतीय गणितज्ञों जैसे ब्रह्मगुप्त और भास्कराचार्य द्वितीय से जुड़ा है, जिनके 'बीजगणित' में किए गए कार्य ने बहुपद समीकरणों को हल करने की नींव रखी थी।
त्रिपद वर्ग के लिए बीजीय सर्वसमिका: (x + y + z)² = x² + y² + z² + 2xy + 2yz + 2zx।
गुणांक गणना: 2 * 3a * 5b = 30ab, 2 * 5b * 7c = 70bc, 2 * 7c * 3a = 42ac।
पदों का क्रम: अंतिम विस्तार व्यक्तिगत पदों के वर्गों और प्रत्येक अद्वितीय युग्म के गुणनफल के दोगुने का योग है।
विकल्प A गलत है क्योंकि अंतिम पद 52ac एक गणना त्रुटि है (2 * 7 * 3 = 42, न कि 52)।
विकल्प C गलत है क्योंकि bc का गुणांक 70 के स्थान पर 65 है (2 * 5 * 7 = 70)।
विकल्प D गलत है क्योंकि पहला गुणनफल 2 * 3a * 5b का मान 30ab है, जबकि इसमें 34ab दिया गया है।
बहुपद विस्तार में दो गुने (2x) वाले चरण से प्राप्त गुणांकों की हमेशा दोबारा जांच करें।
B सही है — विस्तारित रूप 9a² + 25b² + 49c² + 30ab + 70bc + 42ac है।
बीजीय सर्वसमिकाएं प्रतियोगी परीक्षाओं में अक्सर पूछी जाती हैं; सरलीकरण के प्रश्नों में समय बचाने के लिए (a+b)², (a-b)², (a+b+c)², और (a+b)³ को याद रखें।