Join 60,000+ competitive exam aspirants
रासायनिक अभिक्रियाशीलता श्रृंखला (reactivity series) के अनुसार, कौन सी धातु जिंक से कम अभिक्रियाशील है?
कैल्शियम
मैग्नीशियम
लोहा (Iron)
पोटेशियम
लोहा (Iron)
अभिक्रियाशीलता श्रृंखला धातुओं को उनके यौगिकों से अन्य धातुओं को विस्थापित करने की क्षमता के अवरोही क्रम में व्यवस्थित करती है। इस श्रृंखला में लोहा (Fe) जिंक (Zn) के नीचे स्थित है, जिसका अर्थ है कि जिंक की तुलना में इसमें धनायन बनाने के लिए इलेक्ट्रॉन खोने की प्रवृत्ति कम है।
अभिक्रियाशीलता श्रृंखला धातुओं को उनके यौगिकों से अन्य धातुओं को विस्थापित करने की क्षमता के अवरोही क्रम में व्यवस्थित करती है। इस श्रृंखला में लोहा (Fe) जिंक (Zn) के नीचे स्थित है, जिसका अर्थ है कि जिंक की तुलना में इसमें धनायन बनाने के लिए इलेक्ट्रॉन खोने की प्रवृत्ति कम है।
अभिक्रियाशीलता श्रृंखला को धातुओं के एक 'सामाजिक पदानुक्रम' के रूप में सोचें; जो धातुएं ऊपर हैं, वे अधिक 'सक्रिय' और सामाजिक हैं, जो दूसरों के साथ जुड़ने के लिए आसानी से अपने इलेक्ट्रॉन दे देती हैं, जबकि नीचे वाली धातुएं अपने मूल रूप में अधिक 'आरक्षित' और स्थिर रहती हैं।
Please Stop Calling Me A Careless Zebra, Instead Try Learning How Copper Saves Gold (पोटेशियम, सोडियम, कैल्शियम, मैग्नीशियम, एल्युमीनियम, कार्बन, जिंक, लोहा, टिन, सीसा, हाइड्रोजन, तांबा, चांदी, सोना)।
Zn+FeSO4→ZnSO4+Fe
Ecell0=Ecathode0−Eanode0
धातु की अभिक्रियाशीलता उसके आयनन ऊर्जा और इलेक्ट्रोड विभव द्वारा निर्धारित होती है। श्रृंखला में ऊपर स्थित धातुओं का मानक अपचयन विभव (E0) कम होता है, जो उन्हें अधिक शक्तिशाली अपचायक बनाता है। चूंकि जिंक का अपचयन विभव लोहे की तुलना में अधिक ऋणात्मक होता है (Zn2++2e−→Zn का मान −0.76V है, जबकि Fe2++2e−→Fe का मान −0.44V है), इसलिए जिंक रासायनिक रूप से अधिक अभिक्रियाशील है।
पोटेशियम, सोडियम और कैल्शियम अत्यधिक अभिक्रियाशील धातुएं हैं।
लोहा, सीसा और तांबा संक्रमण धातुएं हैं जो क्षारीय मृदा धातुओं की तुलना में कम अभिक्रियाशीलता प्रदर्शित करती हैं।
प्रयोगशाला में धातुओं की अभिक्रियाशीलता का परीक्षण करने के लिए विस्थापन अभिक्रियाएं प्राथमिक तरीका हैं।
यह अनुमान लगाने में मदद करता है कि क्या कोई धातु किसी जलीय घोल से दूसरी धातु को विस्थापित करेगी।
अयस्कों से धातुओं के निष्कर्षण की प्रक्रियाओं को समझने में सहायक।
यह सतह के पैसीवेशन (passivation) को ध्यान में नहीं रखता है, जहां ऑक्साइड की एक पतली परत धातु को प्रतिक्रिया करने से बचाती है।
विद्युत रासायनिक सेल के लिए उपयुक्त इलेक्ट्रोड का चयन।
संक्षारण प्रक्रिया और जंग से बचाव को समझना।
मानक अभिक्रियाशीलता क्रम: K>Na>Ca>Mg>Zn>Fe>Pb>Cu>Ag>Au है।
विकल्प A (कैल्शियम), विकल्प B (मैग्नीशियम), और विकल्प D (पोटेशियम) सभी अभिक्रियाशीलता श्रृंखला में जिंक के ऊपर स्थित हैं, जो उन्हें अधिक अभिक्रियाशील बनाता है।
C सही है — लोहा अभिक्रियाशीलता श्रृंखला में जिंक के नीचे स्थित है, जो कम रासायनिक अभिक्रियाशीलता को दर्शाता है।
अभिक्रियाशीलता श्रृंखला के पहले छह तत्वों को हमेशा याद रखें, क्योंकि वे अक्सर विस्थापन और अभिक्रियाशीलता से संबंधित प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नों में शामिल होते हैं।