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सादृश्य को पूरा करने के लिए एक शब्द चुनें। शीर्षस्थ विभज्योतक (Apical Meristem): लंबाई:: पार्श्व विभज्योतक (Lateral Meristem): _______________
तनों के सिरे
पर्व (Nodes)
मोटाई (Girth)
केवल कोशिका विभेदन
मोटाई (Girth)
विभज्योतक ऊतकों के प्राथमिक कार्य को याद रखें: शीर्षस्थ 'लंबाई' (प्राथमिक वृद्धि) बढ़ाता है, जबकि पार्श्व 'मोटाई' या 'चौड़ाई' (द्वितीयक वृद्धि) बढ़ाता है।
विभज्योतक ऊतकों के प्राथमिक कार्य को याद रखें: शीर्षस्थ 'लंबाई' (प्राथमिक वृद्धि) बढ़ाता है, जबकि पार्श्व 'मोटाई' या 'चौड़ाई' (द्वितीयक वृद्धि) बढ़ाता है।
पहले युग्म के संबंध का विश्लेषण करें
शीर्षस्थ विभज्योतक (Apical Meristem) प्ररोह और जड़ों के सिरों पर स्थित पादप ऊतक है जो प्राथमिक वृद्धि के लिए जिम्मेदार है, जो लंबाई में वृद्धि है।
दूसरे शब्द के कार्य की पहचान करें
पार्श्व विभज्योतक (जैसे संवहनी एधा) पौधों में द्वितीयक वृद्धि के लिए जिम्मेदार है, जिसके परिणामस्वरूप पौधे के तने और जड़ों के व्यास या मोटाई में वृद्धि होती है।
A: तनों के सिरे वह स्थान है जहाँ शीर्षस्थ विभज्योतक स्थित होता है, न कि पार्श्व विभज्योतक का कार्य। B: पर्व (Nodes) पत्ती के जुड़ने के बिंदु हैं, जो पार्श्व विभज्योतक के कार्य से संबंधित नहीं हैं। D: कोशिका विभेदन एक सामान्य प्रक्रिया है, न कि मोटाई बढ़ने जैसा कोई विशिष्ट कार्यात्मक परिणाम।
C सही है क्योंकि पार्श्व विभज्योतक पादप तने की द्वितीयक मोटाई को बढ़ाने के लिए जिम्मेदार है, जिसे जैविक रूप से मोटाई (Girth) कहा जाता है।
जीव विज्ञान-आधारित सादृश्य में, हमेशा 'प्रक्रिया बनाम परिणाम' संबंध की पहचान करें। यहाँ, ऊतक 'प्रक्रिया/कारक' है और वृद्धि का आयाम 'परिणाम' है।