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मवेशियों में क्रॉस ब्रीडिंग (संकरण) ______ प्राप्त करने के लिए की जाती है।
लंबी दुग्ध अवधि (Lactation) और रोग प्रतिरोधक क्षमता
अत्यधिक भार ढोने की क्षमता (Draught power)
दूध उत्पादन में कमी
केवल उच्च दुग्ध वसा सामग्री
लंबी दुग्ध अवधि (Lactation) और रोग प्रतिरोधक क्षमता
क्रॉस ब्रीडिंग पशुपालन में एक प्रजनन रणनीति है, जहाँ दो अलग-अलग नस्लों को आपस में मिलाया जाता है ताकि संतान में वांछनीय गुणों को संयोजित किया जा सके। मवेशियों में, यह मुख्य रूप से विदेशी नस्लों की उच्च दुग्ध उपज को स्वदेशी नस्लों की गर्मी सहन करने की क्षमता और रोग प्रतिरोधक क्षमता के साथ संयोजित करने के लिए किया जाता है।
क्रॉस ब्रीडिंग पशुपालन में एक प्रजनन रणनीति है, जहाँ दो अलग-अलग नस्लों को आपस में मिलाया जाता है ताकि संतान में वांछनीय गुणों को संयोजित किया जा सके। मवेशियों में, यह मुख्य रूप से विदेशी नस्लों की उच्च दुग्ध उपज को स्वदेशी नस्लों की गर्मी सहन करने की क्षमता और रोग प्रतिरोधक क्षमता के साथ संयोजित करने के लिए किया जाता है।
इसे एक तेज स्पोर्ट्स कार के इंजन (उच्च उपज) को एक मजबूत ऑफ-रोड चेसिस (रोग प्रतिरोधक क्षमता) के साथ मिलाने जैसा समझें, ताकि एक ऐसा वाहन बनाया जा सके जो तेज भी हो और उबड़-खाबड़ रास्तों पर चलने में भी सक्षम हो।
L.D.P. - Long (दुग्ध अवधि), Disease (प्रतिरोधक क्षमता), Production (दूध उत्पादन)।
H=MPF1−MP×100 — जहाँ H हेटरोसिस को दर्शाता है, F1 संकर पीढ़ी का औसत प्रदर्शन है, और MP पैतृक नस्लों का औसत प्रदर्शन है।
यह सिद्धांत 'हेटरोसिस' (Heterosis) या हाइब्रिड विगर पर आधारित है, जहाँ संतान अपने माता-पिता की तुलना में बेहतर लक्षण प्रदर्शित करती है। उच्च उपज देने वाली विदेशी नस्ल (जैसे होल्स्टीन-फ्रीजियन) को एक मजबूत स्वदेशी नस्ल (जैसे साहीवाल) के साथ क्रॉस कराकर, प्रजनक उत्पादन और स्थानीय पर्यावरणीय तनावों के अनुकूलन दोनों के लिए आनुवंशिक क्षमता में सुधार करते हैं।
क्रॉस ब्रीडिंग मवेशी आबादी की आनुवंशिक विविधता का उपयोग करती है।
इसका उद्देश्य आर्थिक लक्षणों (दूध उत्पादन) और जैविक उत्तरजीविता लक्षणों (प्रतिरक्षा) दोनों में सुधार करना है।
यह उष्णकटिबंधीय जलवायु के लिए विदेशी जीन को अनुकूलित करने में मदद करता है।
दूध उत्पादन क्षमता में वृद्धि
उष्णकटिबंधीय परजीवियों और बीमारियों के प्रति बेहतर प्रतिरोध
शीघ्र परिपक्वता और बेहतर प्रजनन दर
अद्वितीय स्वदेशी आनुवंशिक मार्करों के खोने की संभावना
भविष्य की पीढ़ियों में इनब्रीडिंग डिप्रेशन को रोकने के लिए सावधानीपूर्वक प्रबंधन की आवश्यकता
भारत में करन फ्राइज मवेशी नस्ल का विकास
उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में डेयरी झुंड की उत्पादकता में सुधार
हेटरोसिस एक संकर व्यक्ति की उन गुणों को प्रदर्शित करने की प्रवृत्ति है जो दोनों माता-पिता की तुलना में बेहतर हैं।
विकल्प B (भार ढोने की क्षमता) आमतौर पर स्वदेशी बैलों का गुण है, न कि आधुनिक डेयरी क्रॉस ब्रीडिंग का मुख्य लक्ष्य। विकल्प C लक्ष्य के विपरीत है, और विकल्प D केवल एक कारक है, जो स्वास्थ्य और उत्पादन मात्रा की अनदेखी करता है।
A सही है — मवेशियों में क्रॉस ब्रीडिंग का उपयोग रणनीतिक रूप से उच्च उपज वाली विदेशी आनुवंशिकी को स्थानीय नस्लों की मजबूत रोग प्रतिरोधक क्षमता और सहनशक्ति के साथ संयोजित करने के लिए किया जाता है।
हमेशा याद रखें कि भारतीय प्रतियोगी परीक्षाओं में, 'क्रॉस ब्रीडिंग' लगभग 'दूध उत्पादन' और 'अनुकूलन क्षमता' में एक साथ सुधार करने का पर्याय है।