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एक कोण उन्नयन (elevation) और दूसरा अवनमन (depression) होने पर स्पर्शरेखीय टैकीओमेट्री (tangential tacheometry) में स्टाफ स्टेशन का R.L. कैसे ज्ञात किया जाता है?
A) अक्ष का R.L +V−r
B) अक्ष का R.L −V+r
C) अक्ष का R.L −V−r
D) अक्ष का R.L +V+r
अक्ष का R.L −V+r
स्पर्शरेखीय टैकीओमेट्री में, टारगेट वेन्स/स्टाफ टारगेट्स स्टाफ पर एक ज्ञात दूरी h पर तय किए जाते हैं। जब एक दृष्टि उन्नयन कोण (α1) और दूसरी अवनमन कोण (α2) होती है, तो निचले टारगेट की दृष्टि रेखा क्षैतिज अक्ष के नीचे होती है, और ऊपरी टारगेट की दृष्टि रेखा इसके ऊपर होती है। इस प्रकार, उपकरण अक्ष के सापेक्ष निचले टारगेट की ऊर्ध्वाधर स्थिति V (V2) को घटाकर प्राप्त की जाती है, और निचले स्टाफ हेयर की ऊंचाई r को जोड़ने पर स्टाफ स्टेशन का R.L प्राप्त होता है।
स्पर्शरेखीय टैकीओमेट्री में, टारगेट वेन्स/स्टाफ टारगेट्स स्टाफ पर एक ज्ञात दूरी h पर तय किए जाते हैं। जब एक दृष्टि उन्नयन कोण (α1) और दूसरी अवनमन कोण (α2) होती है, तो निचले टारगेट की दृष्टि रेखा क्षैतिज अक्ष के नीचे होती है, और ऊपरी टारगेट की दृष्टि रेखा इसके ऊपर होती है। इस प्रकार, उपकरण अक्ष के सापेक्ष निचले टारगेट की ऊर्ध्वाधर स्थिति V (V2) को घटाकर प्राप्त की जाती है, और निचले स्टाफ हेयर की ऊंचाई r को जोड़ने पर स्टाफ स्टेशन का R.L प्राप्त होता है।
D=tanα1+tanα2s — स्पर्शरेखीय टैकीओमेट्री में क्षैतिज दूरी (एक उन्नयन, एक अवनमन)
V=Dtanα2 — निचले टारगेट वेन की ऊर्ध्वाधर दूरी
स्टाफ स्टेशन का R.L=अक्ष का R.L−V+r — स्टाफ स्टेशन के रिड्यूस्ड लेवल (R.L) का सूत्र
मान लीजिए S1 और S2 दो स्टाफ टारगेट हैं जिनके बीच की दूरी h है। एक उन्नयन कोण α1 और एक अवनमन कोण α2 के साथ, क्षैतिज दूरी D=tanα1+tanα2h होती है। निचले टारगेट का ऊर्ध्वाधर विस्थापन V2=Dtanα2 है। इसलिए, स्टाफ स्टेशन का R.L = उपकरण अक्ष का R.L −V2+r, जहां r स्टाफ के निचले हिस्से से निचले टारगेट वेन की ऊंचाई है।
स्पर्शरेखीय टैकीओमेट्री का उपयोग तब किया जाता है जब स्टेडीया हेयर उपलब्ध नहीं होते हैं या स्टेडीया विधि लागू नहीं की जा सकती है।
इसके लिए स्टाफ पर एक ज्ञात दूरी s पर तय किए गए दो टारगेटों पर दो दृश्यों की आवश्यकता होती है।
जब टारगेट 1 क्षैतिज से ऊपर होता है और टारगेट 2 क्षैतिज से नीचे होता है, तो टारगेट 2 तक नीचे का ऊर्ध्वाधर विस्थापन V=Dtanα2 होता है।
उपकरण अक्ष से स्टाफ के आधार तक पहुंचने के लिए, V को घटाएं और जमीन से ऊपर की टारगेट ऊंचाई r को जोड़ें।
स्टेडीया डायाफ्राम के बिना एक साधारण ट्रांजिट थिओडोलाइट का उपयोग करके किया जा सकता है।
तब उपयोगी होता है जब स्टाफ बहुत दूर हो और स्टेडीया हेयर रीडिंग लेना कठिन हो।
दो कोणों को पढ़ने की आवश्यकता होती है, जिससे समय और अवलोकन त्रुटि की संभावना बढ़ जाती है।
दो कोणीय मापों के बीच अपवर्तन और उपकरण की हलचल त्रुटियां उत्पन्न कर सकती है।
विषम भूभाग में टैकीओमीट्रिक सर्वेक्षण जहां स्टेडीया तार अनुपस्थित हों।
दूरस्थ स्टाफ स्टेशनों का एलिवेशन (ऊंचाई) और दूरी निर्धारित करना।
विकल्प A (अक्ष का R.L + V - r) तब लागू होता है जब दोनों कोण उन्नयन कोण होते हैं।
विकल्प C (अक्ष का R.L - V - r) तब लागू होता है जब दोनों कोण अवनमन कोण होते हैं।
B सही है — स्टाफ स्टेशन का R.L निचले टारगेट तक ऊर्ध्वाधर ऊंचाई V को घटाकर और r (जमीन से ऊपर निचले वेन की ऊंचाई) को जोड़कर प्राप्त किया जाता है।
हमेशा उपकरण अक्ष रेखा से ऊर्ध्वाधर दूरियों के चिह्न का पालन करें: ऊपर जाना +V है, नीचे जाना −V है। फिर स्टाफ के निचले हिस्से तक पहुंचने के लिए +r या −r लागू करें।