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LED की चमक _____ पर निर्भर करती है; जब स्रोत वोल्टेज डायोड वोल्टेज से बहुत _____ होता है, तो LED की चमक लगभग स्थिर रहती है।
तापमान; छोटा
तापमान; बड़ा
धारा; बड़ा
धारा; छोटा
धारा; बड़ा
LED की चमक उससे प्रवाहित होने वाली धारा के सीधे आनुपातिक होती है, क्योंकि उत्सर्जित प्रकाश की तीव्रता डिप्लेशन क्षेत्र (depletion region) में पुनर्संयोजित होने वाले आवेश वाहकों की संख्या पर निर्भर करती है। जब स्रोत वोल्टेज डायोड के फॉरवर्ड वोल्टेज ड्रॉप से काफी अधिक होता है, तो करंट-लिमिटिंग रेसिस्टर (current-limiting resistor) के माध्यम से धारा स्थिर हो जाती है, जिससे चमक लगभग स्थिर बनी रहती है।
LED की चमक उससे प्रवाहित होने वाली धारा के सीधे आनुपातिक होती है, क्योंकि उत्सर्जित प्रकाश की तीव्रता डिप्लेशन क्षेत्र (depletion region) में पुनर्संयोजित होने वाले आवेश वाहकों की संख्या पर निर्भर करती है। जब स्रोत वोल्टेज डायोड के फॉरवर्ड वोल्टेज ड्रॉप से काफी अधिक होता है, तो करंट-लिमिटिंग रेसिस्टर (current-limiting resistor) के माध्यम से धारा स्थिर हो जाती है, जिससे चमक लगभग स्थिर बनी रहती है।
एक LED को पानी के फव्वारे की तरह समझें; चमक पानी की ऊंचाई है, और धारा पानी के प्रवाह की दर है। एक बार जब दबाव (स्रोत वोल्टेज) पर्याप्त हो जाता है, तो प्रवाह स्थिर हो जाता है, और फव्वारे की ऊंचाई स्थिर बनी रहती है।
I-B-I: तीव्रता (Intensity) चमक है जो धारा की तीव्रता पर निर्भर करती है।
IF=RVS−VD — जहाँ IF फॉरवर्ड धारा है, VS स्रोत वोल्टेज है, VD डायोड फॉरवर्ड वोल्टेज है, और R श्रेणी प्रतिरोध (series resistance) है।
P=VD×IF — LED का पावर अपव्यय (power dissipation)।
LED इलेक्ट्रोлюмиनिसेंस (electroluminescence) के सिद्धांत पर कार्य करती है। जब फॉरवर्ड बायस लगाया जाता है, तो n-साइड से इलेक्ट्रॉन और p-साइड से होल p-n जंक्शन में पुनर्संयोजित होते हैं, जिससे फोटॉन के रूप में ऊर्जा निकलती है। प्रकाश की तीव्रता (IL) फॉरवर्ड धारा (IF) द्वारा नियंत्रित होती है, जहाँ IF=RVsource−Vdiode होता है। जैसे-जैसे Vsource, Vdiode से बहुत बड़ा होता जाता है, IF पर Vdiode के मामूली उतार-चढ़ाव का प्रभाव नगण्य हो जाता है।
LED वोल्टेज-नियंत्रित उपकरण नहीं, बल्कि धारा-नियंत्रित उपकरण हैं।
थर्मल रनवे (thermal runaway) और क्षति को रोकने के लिए करंट-लिमिटिंग रेसिस्टर आवश्यक है।
चमक फॉरवर्ड धारा के आनुपातिक ल्यूमिनस तीव्रता वक्र का पालन करती है।
उच्च ऊर्जा दक्षता
लंबा परिचालन जीवनकाल
तेज स्विचिंग प्रतिक्रिया
सटीक धारा विनियमन की आवश्यकता
गर्मी के प्रति संवेदनशील जो फॉरवर्ड वोल्टेज को बदल देता है
इलेक्ट्रॉनिक सर्किट में स्थिति संकेतक
डिस्प्ले बैकलाइटिंग और ऑटोमोटिव लाइटिंग
लाल LED के लिए सामान्य फॉरवर्ड वोल्टेज (VD) लगभग 1.8V से 2.2V होता है।
विकल्प A और B गलत हैं क्योंकि तापमान आम तौर पर थ्रेशोल्ड वोल्टेज (VD) को प्रभावित करता है, न कि चमक के प्राथमिक नियंत्रण पैरामीटर के रूप में कार्य करता है।
विकल्प D गलत है क्योंकि कम स्रोत वोल्टेज के कारण बैरियर पोटेंशियल को पार करने के लिए पर्याप्त धारा नहीं मिल पाएगी, जिसके परिणामस्वरूप प्रकाश नहीं होगा या झिलमिलाहट होगी।
C सही है — LED की चमक इससे गुजरने वाली फॉरवर्ड धारा द्वारा निर्धारित होती है, और निरंतर रोशनी तब प्राप्त होती है जब स्रोत वोल्टेज एक लिमिटिंग रेसिस्टर के माध्यम से स्थिर धारा बनाए रखने के लिए पर्याप्त रूप से उच्च हो।
प्रतियोगी परीक्षाओं में हमेशा याद रखें कि डायोड गैर-ओमिक (non-ohmic) कंडक्टर होते हैं; अत्यधिक धारा प्रवाह को रोकने के लिए श्रेणी में रेसिस्टर लगाए बिना कभी भी LED को सीधे वोल्टेज स्रोत से न जोड़ें।