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जन्म और मृत्यु का पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, 26 जुलाई 2023 को किस मंत्रालय द्वारा लोकसभा में पेश किया गया था?
गृह मंत्रालय
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय
गृह मंत्रालय
जन्म और मृत्यु का पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, 2023 को 26 जुलाई 2023 को गृह मंत्रालय द्वारा पेश किया गया था।
यह विधेयक जन्म और मृत्यु के पंजीकृत डेटा का राष्ट्रीय और राज्य-स्तरीय डेटाबेस बनाने के लिए जन्म और मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969 में संशोधन करने के लिए पेश किया गया था। इसका प्राथमिक उद्देश्य एक एकीकृत डिजिटल रिपॉजिटरी सुनिश्चित करके सार्वजनिक सेवा वितरण को सुव्यवस्थित करना है। यह शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश, मतदाता सूची तैयार करने और सार्वजनिक पदों पर नियुक्ति जैसी विभिन्न सेवाओं के लिए इन प्रमाण पत्रों के उपयोग को सुगम बनाता है। यह कदम सरकार द्वारा डिजिटल गवर्नेंस और प्रशासनिक पारदर्शिता पर जोर देने के अनुरूप है।
भारत में जन्म और मृत्यु का पंजीकरण 'जन्म और मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969' द्वारा शासित होता है। संविधान की सातवीं अनुसूची के तहत, यह विषय समवर्ती सूची के अंतर्गत आता है, जो केंद्र और राज्य सरकारों को इस पर कानून बनाने की अनुमति देता है, हालांकि इसका प्रशासन मुख्य रूप से गृह मंत्रालय के तहत भारत के महापंजीयक कार्यालय (Office of the Registrar General, India) द्वारा संभाला जाता है।
प्रस्तुति तिथि: 26 जुलाई 2023
संशोधित किया जाने वाला अधिनियम: जन्म और मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969
प्राथमिक कार्यान्वयन एजेंसी: भारत के महापंजीयक का कार्यालय
मुख्य उद्देश्य: राष्ट्रीय और राज्य-स्तरीय डेटाबेस का निर्माण
A सही है — गृह मंत्रालय ने भारत में नागरिक पंजीकरण प्रणाली को आधुनिक बनाने के लिए 26 जुलाई 2023 को लोकसभा में यह विधेयक पेश किया।
याद रखें कि भारत के महापंजीयक (Registrar General of India), जो जनगणना और जन्म/मृत्यु पंजीकरण का प्रबंधन करते हैं, गृह मंत्रालय के अधीन आते हैं, न कि स्वास्थ्य मंत्रालय के।