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भारतीय संविधान के किन अनुच्छेदों के तहत 'समानता के अधिकार' की गारंटी दी गई है?
14-18
19-22
23-24
25-28
14-18
समानता का अधिकार भारतीय संविधान में निहित छह मौलिक अधिकारों में से एक है, जिसमें अनुच्छेद 14 से 18 तक शामिल हैं। ये प्रावधान कानून के समक्ष समानता सुनिश्चित करते हैं, भेदभाव पर रोक लगाते हैं, सार्वजनिक रोजगार में अवसर की समानता प्रदान करते हैं, अस्पृश्यता का उन्मूलन करते हैं, और उपाधियों का अंत करते हैं।
समानता का अधिकार भारतीय संविधान में निहित छह मौलिक अधिकारों में से एक है, जिसमें अनुच्छेद 14 से 18 तक शामिल हैं। ये प्रावधान कानून के समक्ष समानता सुनिश्चित करते हैं, भेदभाव पर रोक लगाते हैं, सार्वजनिक रोजगार में अवसर की समानता प्रदान करते हैं, अस्पृश्यता का उन्मूलन करते हैं, और उपाधियों का अंत करते हैं।
भारतीय संविधान का भाग III (अनुच्छेद 12-35) मौलिक अधिकारों को समाहित करता है, जो संयुक्त राज्य अमेरिका के बिल ऑफ राइट्स से प्रेरित हैं।
अनुच्छेद 14: कानून के समक्ष समानता और कानूनों का समान संरक्षण।
अनुच्छेद 15: धर्म, मूलवंश, जाति, लिंग या जन्म स्थान के आधार पर भेदभाव का निषेध।
अनुच्छेद 16: सार्वजनिक रोजगार के मामलों में अवसर की समानता।
अनुच्छेद 17: अस्पृश्यता का उन्मूलन।
अनुच्छेद 18: उपाधियों का उन्मूलन।
अनुच्छेद 18 सैन्य या शैक्षणिक सम्मान प्रदान करने से नहीं रोकता है।
विकल्प B (अनुच्छेद 19-22) स्वतंत्रता के अधिकार से संबंधित है।
विकल्प C (अनुच्छेद 23-24) शोषण के विरुद्ध अधिकार से संबंधित है।
विकल्प D (अनुच्छेद 25-28) धर्म की स्वतंत्रता के अधिकार से संबंधित है।
A सही है — भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14 से 18 समानता के अधिकार की गारंटी देते हैं।
मौलिक अधिकारों का अध्ययन करते समय, क्रम को याद रखने के लिए हमेशा 'E-F-E-R-C-C' निमोनिक याद रखें: Equality (समानता), Freedom (स्वतंत्रता), Exploitation (शोषण के विरुद्ध), Religion (धर्म), Culture/Educational (संस्कृति/शिक्षा), और Constitutional Remedies (संवैधानिक उपचार)।