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असंसंजक (cohesionless) मृदा में कर्तन सामर्थ्य (shear strength) ___________ के कारण होता है।
आंतरिक घर्षण
संसजन
अंतःकणीय घर्षण (Inter granular friction)
अंतःकणीय बल
अंतःकणीय घर्षण (Inter granular friction)
मृदा यांत्रिकी में, असंसंजक मृदा (जैसे रेत या बजरी) में कणों के बीच इलेक्ट्रोकेमिकल बंधन की कमी होती है। उनका कर्तन सामर्थ्य पूरी तरह से उन व्यक्तिगत कणों के संपर्क बिंदुओं पर उत्पन्न घर्षण से प्राप्त होता है, जो एक लागू सामान्य प्रतिबल (normal stress) के तहत एक-दूसरे पर फिसलते हैं।
मृदा यांत्रिकी में, असंसंजक मृदा (जैसे रेत या बजरी) में कणों के बीच इलेक्ट्रोकेमिकल बंधन की कमी होती है। उनका कर्तन सामर्थ्य पूरी तरह से उन व्यक्तिगत कणों के संपर्क बिंदुओं पर उत्पन्न घर्षण से प्राप्त होता है, जो एक लागू सामान्य प्रतिबल (normal stress) के तहत एक-दूसरे पर फिसलते हैं।
τ=σ′tan(ϕ) — असंसंजक मृदा के लिए कुलम्ब का नियम, जहाँ ϕ आंतरिक घर्षण कोण है।
जब असंसंजक मृदा पर कर्तन बल लगाया जाता है, तो कण एक-दूसरे पर फिसलने या लुढ़कने की प्रवृत्ति रखते हैं। इस गति का विरोध अंतःकणीय घर्षण द्वारा किया जाता है, जो कणों की सतह के खुरदरेपन, कण आकार वितरण और लागू प्रभावी सामान्य प्रतिबल पर निर्भर करता है। असंसंजक मृदा के लिए मोह्र-कुलम्ब विफलता मानदंड (Mohr-Coulomb failure criterion) के अनुसार, कर्तन सामर्थ्य प्रभावी सामान्य प्रतिबल के सीधे आनुपातिक होता है।
असंसंजक मृदा में संसजन अंतःखंड (cohesion intercept) c=0 होता है।
प्रभावी परिरोधक दबाव (effective confining pressure) के साथ कर्तन सामर्थ्य रैखिक रूप से बढ़ता है।
आंतरिक घर्षण कोण ϕ कर्तन सामर्थ्य की विशेषताओं को दर्शाता है।
इन सामग्रियों में कर्तन प्रतिरोध के लिए केवल अंतःकणीय घर्षण ही जिम्मेदार है।
संसजन की कमी के कारण उच्च पारगम्यता।
बढ़ते प्रभावी प्रतिबल के साथ अनुमानित सामर्थ्य वृद्धि।
भूकंपीय घटनाओं के दौरान द्रवीकरण (liquefaction) के प्रति संवेदनशील।
परिरोध के बिना ढीली अवस्था में कम कर्तन सामर्थ्य।
रेतीली मिट्टी पर संरचनाओं के लिए नींव डिजाइन।
तटबंधों और दानेदार ढलानों का ढलान स्थिरता विश्लेषण।
विकल्प B गलत है क्योंकि संसजन इलेक्ट्रोकेमिकल बलों के कारण चिकनी मिट्टी (clayey soils) की कर्तन सामर्थ्य विशेषता है, जो रेत में अनुपस्थित होती है।
विकल्प A और C सिद्धांत रूप में पर्यायवाची हैं, लेकिन 'अंतःकणीय घर्षण' (Inter granular friction) वह विशिष्ट यांत्रिक शब्द है जो संपर्क बिंदुओं पर भौतिक अंतःक्रिया का वर्णन करता है।
C सही है — असंसंजक मृदा में कर्तन सामर्थ्य मौलिक रूप से सामान्य भार के तहत कणों की यांत्रिक अंतःक्रिया से उत्पन्न अंतःकणीय घर्षण द्वारा नियंत्रित होता है।
हमेशा याद रखें कि पूरी तरह से असंसंजक मृदा के लिए, τ बनाम σ′ ग्राफ में विफलता लिफाफा (failure envelope) मूल बिंदु से गुजरता है, जो यह पुष्टि करता है कि c=0 है।