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इनमें से किस लेखक ने 2022 में अनुवादित कार्य के लिए अंतर्राष्ट्रीय बुकर पुरस्कार जीता?
झुम्पा लाहिड़ी
अरुंधति रॉय
गीतांजलि श्री
अनुराधा रॉय
गीतांजलि श्री
भारतीय लेखिका गीतांजलि श्री ने अपने उपन्यास 'टॉम्ब ऑफ सैंड' (Tomb of Sand) के लिए 2022 में अंतर्राष्ट्रीय बुकर पुरस्कार जीता।
अंतर्राष्ट्रीय बुकर पुरस्कार प्रतिवर्ष अंग्रेजी में अनूदित और यूके या आयरलैंड में प्रकाशित कथा साहित्य के लिए दिया जाता है। 2022 में, गीतांजलि श्री किसी भी भारतीय भाषा में मूल रूप से लिखी गई पुस्तक के लिए यह प्रतिष्ठित पुरस्कार जीतने वाली पहली भारतीय लेखिका बनीं। हिंदी में 'रेत समाधि' शीर्षक वाले इस उपन्यास का अंग्रेजी में अनुवाद डेजी रॉकवेल द्वारा 'टॉम्ब ऑफ सैंड' के रूप में किया गया था। यह जीत वैश्विक स्तर पर भारतीय साहित्य के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुई, जो क्षेत्रीय कहानी कहने की समृद्धि को उजागर करती है।
अंतर्राष्ट्रीय बुकर पुरस्कार, बुकर पुरस्कार से भिन्न है। यह यूनाइटेड किंगडम में एक पंजीकृत चैरिटी, बुकर प्राइज फाउंडेशन द्वारा शासित है और इसे क्रैंकस्टार्ट (Crankstart) द्वारा वित्तपोषित किया जाता है।
जीत का वर्ष: 2022
लेखिका: गीतांजलि श्री
मूल हिंदी शीर्षक: रेत समाधि
अंग्रेजी अनुवादक: डेजी रॉकवेल
पुरस्कार राशि: 50,000 पाउंड (लेखिका और अनुवादक के बीच साझा)
C सही है — गीतांजलि श्री ने अपने हिंदी उपन्यास 'टॉम्ब ऑफ सैंड' के लिए 2022 का अंतर्राष्ट्रीय बुकर पुरस्कार जीता।
याद रखें कि 'रेत' (Ret) का अर्थ Sand है और 'समाधि' (Samadhi) का अर्थ Tomb है; हिंदी मूल शीर्षक को अंग्रेजी शीर्षक से जोड़ना पुस्तक के नाम को आसानी से याद रखने में मदद करता है।