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संयोजी ऊतक का कौन सा गुण इसे शरीर के विभिन्न अंगों को बांधने और सहारा देने में सक्षम बनाता है?
पक्ष्माभ (cilia) की उपस्थिति
संकुचनशील प्रोटीन की उपस्थिति
बाह्यकोशिकीय मैट्रिक्स (extracellular matrix) की उपस्थिति
तंत्रिका अंत (nerve endings) की उपस्थिति
बाह्यकोशिकीय मैट्रिक्स (extracellular matrix) की उपस्थिति
संयोजी ऊतक को एक प्रचुर बाह्यकोशिकीय मैट्रिक्स (ECM) में अंतःस्थापित कोशिकाओं के व्यापक अंतर से परिभाषित किया जाता है। यह निर्जीव मैट्रिक्स, जो ग्राउंड सब्सटेंस और तंतुओं से बना होता है, विभिन्न ऊतकों और अंगों को बांधने, जोड़ने और सहारा देने के लिए आवश्यक संरचनात्मक ढांचा प्रदान करता है।
संयोजी ऊतक को एक प्रचुर बाह्यकोशिकीय मैट्रिक्स (ECM) में अंतःस्थापित कोशिकाओं के व्यापक अंतर से परिभाषित किया जाता है। यह निर्जीव मैट्रिक्स, जो ग्राउंड सब्सटेंस और तंतुओं से बना होता है, विभिन्न ऊतकों और अंगों को बांधने, जोड़ने और सहारा देने के लिए आवश्यक संरचनात्मक ढांचा प्रदान करता है।
संयोजी ऊतक के बारे में एक प्रबलित कंक्रीट संरचना की तरह सोचें: कोशिकाएं निर्माण श्रमिक हैं, जबकि बाह्यकोशिकीय मैट्रिक्स कंक्रीट और स्टील की छड़ें हैं जो पूरी इमारत को एक साथ रखती हैं।
ECM: Essential Connecting Matrix (आवश्यक जोड़ने वाला मैट्रिक्स)।
F=k⋅Δx — मैट्रिक्स में इलास्टिन जैसे लचीले तंतुओं के लिए हुक का नियम (Hooke's Law)
σ=AF — प्रति इकाई क्षेत्रफल ऊतक मैट्रिक्स पर तनाव (Stress)
ECM एक भौतिक मचान के रूप में कार्य करता है, जिसमें मुख्य रूप से प्रोटीन तंतु जैसे कोलेजन (तन्यता शक्ति प्रदान करना) और इलास्टिन (लचीलापन प्रदान करना) शामिल होते हैं, जो जेल जैसी ग्राउंड सब्सटेंस में निलंबित रहते हैं। यह व्यवस्था ऊतक को यांत्रिक तनाव का विरोध करने और रक्त वाहिकाओं तथा कोशिकाओं के बीच पोषक तत्वों के परिवहन के लिए एक माध्यम प्रदान करने की अनुमति देती है। ऊतक के भौतिक गुण इस मैट्रिक्स के घनत्व और संरचना द्वारा निर्धारित होते हैं, जो तरल (रक्त) से लेकर कठोर (हड्डी) तक हो सकते हैं।
संयोजी ऊतक मानव शरीर में सबसे प्रचुर और व्यापक रूप से वितरित ऊतक है।
इसमें तीन मुख्य घटक होते हैं: विशेष कोशिकाएं, ग्राउंड सब्सटेंस और प्रोटीन तंतु।
बाह्यकोशिकीय मैट्रिक्स फाइब्रोब्लास्ट (fibroblasts) नामक कोशिकाओं द्वारा स्रावित होता है।
संरचनात्मक अखंडता और यांत्रिक सहारा प्रदान करता है।
गैसों और पोषक तत्वों के प्रसार (diffusion) की अनुमति देता है।
यदि कोलेजन संश्लेषण बाधित हो (जैसे विटामिन C की कमी), तो संरचनात्मक विफलता के प्रति संवेदनशील होता है।
कंडरा (tendons) बनाता है जो मांसपेशी को हड्डी से जोड़ते हैं।
स्नायुबंधन (ligaments) बनाता है जो हड्डी को हड्डी से जोड़ते हैं।
विकल्प A गलत है क्योंकि पक्ष्माभ (cilia) गति के लिए विशिष्ट होते हैं (जैसे श्वसन उपकला में)।
विकल्प B गलत है क्योंकि संकुचनशील प्रोटीन मांसपेशी ऊतकों की विशेषता हैं (एक्टिन और मायोसिन)।
विकल्प D गलत है क्योंकि तंत्रिका अंत संकेत ग्रहण करने के लिए तंत्रिका ऊतक की विशेषताएं हैं।
C सही है — बाह्यकोशिकीय मैट्रिक्स वह संरचनात्मक अखंडता और बंधन क्षमता प्रदान करता है जो संयोजी ऊतक को परिभाषित करती है।
हमेशा याद रखें कि जीव विज्ञान में ऊतकों का वर्गीकरण मुख्य रूप से कोशिकाओं और उनके बाह्यकोशिकीय घटकों के अनुपात और संरचना पर आधारित होता है।