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एक बड़े खाली हॉल में प्रतिध्वनि (echo) की घटना के लिए ध्वनि तरंगों का कौन सा गुण मुख्य रूप से जिम्मेदार है?
अपवर्तन (Refraction)
परावर्तन (Reflection)
विवर्तन (Diffraction)
ध्रुवीकरण (Polarization)
परावर्तन (Reflection)
प्रतिध्वनि एक स्पष्ट ध्वनि है जो दूर की सतह से ध्वनि तरंगों के परावर्तन द्वारा उत्पन्न होती है। मानव कान के लिए मूल ध्वनि और परावर्तित ध्वनि के बीच अंतर करने के लिए, लगभग 0.1 सेकंड का न्यूनतम समय अंतराल होना आवश्यक है।
प्रतिध्वनि एक स्पष्ट ध्वनि है जो दूर की सतह से ध्वनि तरंगों के परावर्तन द्वारा उत्पन्न होती है। मानव कान के लिए मूल ध्वनि और परावर्तित ध्वनि के बीच अंतर करने के लिए, लगभग 0.1 सेकंड का न्यूनतम समय अंतराल होना आवश्यक है।
प्रतिध्वनि के बारे में ऐसे सोचें जैसे किसी कठोर दीवार पर रबर की गेंद फेंकना; जैसे गेंद सतह से टकराकर आपके पास वापस आती है, वैसे ही ध्वनि तरंगें भी आपके कानों तक वापस आती हैं।
SER: Sound Echo Reflection (ध्वनि प्रतिध्वनि परावर्तन)
d=2v×t — जहाँ d परावर्तक सतह की दूरी है, v ध्वनि का वेग है, और t समय अंतराल है।
v=fλ — जहाँ v तरंग वेग है, f आवृत्ति है, और λ तरंगदैर्ध्य है।
जब ध्वनि तरंगें दीवार या चट्टान जैसी किसी कठोर सतह से टकराती हैं, तो वे परावर्तन के नियमों के अनुसार परावर्तित होती हैं। हवा में ध्वनि की गति लगभग 344 m/s मानते हुए, प्रतिध्वनि को सुनने के लिए आवश्यक न्यूनतम दूरी 2344×0.1=17.2 मीटर है। यदि दूरी इससे कम है, तो परावर्तित ध्वनि मूल ध्वनि के साथ मिल जाती है, जिससे स्पष्ट प्रतिध्वनि के बजाय ध्वनि की गूंज (persistence of hearing) बनी रहती है।
20°C पर हवा में प्रतिध्वनि के लिए लगभग 17.2 मीटर की न्यूनतम दूरी की आवश्यकता होती है।
कंक्रीट या पत्थर जैसी कठोर सतहें पर्दे जैसी नरम सामग्रियों की तुलना में बेहतर परावर्तक होती हैं, जो ध्वनि को अवशोषित करती हैं।
यह घटना परावर्तन के नियम पर आधारित है: आपतन कोण परावर्तन कोण के बराबर होता है।
समुद्र तल की गहराई मापने के लिए सोनार (SONAR) में उपयोग किया जाता है।
आंतरिक शरीर की इमेजिंग के लिए मेडिकल अल्ट्रासोनोग्राफी में उपयोग किया जाता है।
खराब तरीके से डिज़ाइन किए गए हॉल में प्रतिध्वनि (Reverberation) के कारण ध्वनि स्पष्ट नहीं सुनाई देती।
अत्यधिक प्रतिध्वनि ऑडिटोरियम में भाषण की स्पष्टता में बाधा डालती है।
सोनार (SONAR - Sound Navigation and Ranging)
स्टेथोस्कोप प्रतिध्वनि-आधारित नैदानिक उपकरण
मानव श्रवण की स्थिरता (persistence of hearing) लगभग 0.1 सेकंड तक रहती है।
अपवर्तन का अर्थ है तरंगों का मुड़ना, विवर्तन का अर्थ है बाधाओं के चारों ओर तरंगों का फैलना, और ध्रुवीकरण अनुप्रस्थ तरंगों के लिए अद्वितीय है (ध्वनि अनुदैर्ध्य तरंग है)।
B सही है — प्रतिध्वनि एक बाधा से ध्वनि तरंगों के परावर्तन के कारण बनती है।
हमेशा याद रखें कि ध्वनि एक अनुदैर्ध्य यांत्रिक तरंग है और इसे ध्रुवीकृत नहीं किया जा सकता है, इसके विपरीत प्रकाश एक अनुप्रस्थ विद्युत चुम्बकीय तरंग है।