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मणिपुर में लाई हरोबा त्योहार के दौरान किस प्रकार का लोक संगीत प्रस्तुत किया जाता है?
घसियारी गीत
हेइजिंग हिराओ
रसिया
शकुनाखर
हेइजिंग हिराओ
हेइजिंग हीराओ (Heijing Hirao) मणिपुर के लाई हरोबा (Lai Haraoba) त्योहार के दौरान गाया जाने वाला एक पारंपरिक अनुष्ठानिक लोक गीत है, जो विशेष रूप से नाव के आकार की सजावट अर्पित करने के समारोह के दौरान किया जाता है। लाई हरोबा मैतेई समुदाय का एक प्राचीन त्योहार है, जिसे उमंग लाई (वन देवताओं) को प्रसन्न करने के लिए मनाया जाता है।
हेइजिंग हीराओ (Heijing Hirao) मणिपुर के लाई हरोबा (Lai Haraoba) त्योहार के दौरान गाया जाने वाला एक पारंपरिक अनुष्ठानिक लोक गीत है, जो विशेष रूप से नाव के आकार की सजावट अर्पित करने के समारोह के दौरान किया जाता है। लाई हरोबा मैतेई समुदाय का एक प्राचीन त्योहार है, जिसे उमंग लाई (वन देवताओं) को प्रसन्न करने के लिए मनाया जाता है।
मणिपुर अपने अद्वितीय सांस्कृतिक परिदृश्य के लिए पहचाना जाता है, जो विश्व के एकमात्र तैरते हुए राष्ट्रीय उद्यान, केबुल लामजाओ राष्ट्रीय उद्यान का घर है।
लाई हरोबा का शाब्दिक अर्थ देवताओं का आनंदोत्सव है।
इस त्योहार में मैबा और मैबी (पुजारी और पुजारिन) द्वारा पारंपरिक नृत्य प्रस्तुतियां शामिल हैं।
हेइजिंग हीराओ का प्रदर्शन 'हेइजिंगपोट' (Heijingpot) अनुष्ठान के दौरान देवता का आह्वान करने के लिए किया जाता है।
मैतेई समुदाय मुख्य रूप से समुदाय की समृद्धि सुनिश्चित करने के लिए यह त्योहार मनाता है।
घासीवारी गीत (Ghasivari Geet) उत्तर प्रदेश के जनजातीय समुदायों से जुड़ी एक लोक परंपरा है।
रसिया (Rasiya) उत्तर प्रदेश और राजस्थान के ब्रज क्षेत्र की एक लोकप्रिय लोक संगीत शैली है।
शकुनाखर (Shakunakhhar) उत्तराखंड के कुमाऊं क्षेत्र में शादियों और समारोहों के दौरान गाए जाने वाले शुभ गीतों को संदर्भित करता है।
लाई हरोबा त्योहार पूर्व-वैष्णव परंपराओं और स्वदेशी मैतेई मान्यताओं के संश्लेषण को दर्शाता है।
B सही है — हेइजिंग हीराओ मणिपुर के लाई हरोबा त्योहार के दौरान गाया जाने वाला एक महत्वपूर्ण अनुष्ठानिक लोक गीत है।
पूर्वोत्तर कला का अध्ययन करते समय, मणिपुर के लाई हरोबा की तुलना असम की सत्तरिया (Sattriya) नृत्य परंपरा से करें, क्योंकि दोनों ही अपने संबंधित क्षेत्रों की शास्त्रीय और लोक धार्मिक कथाओं में निहित हैं।