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आमाशय और आंत की दीवारों में किस प्रकार के पेशीय ऊतक पाए जाते हैं और वे प्रकृति में अनैच्छिक (involuntary) होते हैं?
धारीदार पेशी (Striated muscle)
हृद पेशी (Cardiac muscle)
चिकनी पेशी (Smooth muscle)
कंकाल पेशी (Skeletal muscle)
चिकनी पेशी (Smooth muscle)
चिकनी पेशियां (जिन्हें गैर-धारीदार या अनैच्छिक पेशियां भी कहा जाता है) विशेष ऊतक हैं जो आमाशय, आंतों, रक्त वाहिकाओं और मूत्राशय जैसे खोखले आंतरिक अंगों की दीवारों में स्थित होते हैं। इनकी विशेषता यह है कि सूक्ष्मदर्शी के नीचे इनमें स्पष्ट धारियां नहीं दिखाई देतीं और ये सचेत नियंत्रण से स्वतंत्र रूप से कार्य करते हैं।
चिकनी पेशियां (जिन्हें गैर-धारीदार या अनैच्छिक पेशियां भी कहा जाता है) विशेष ऊतक हैं जो आमाशय, आंतों, रक्त वाहिकाओं और मूत्राशय जैसे खोखले आंतरिक अंगों की दीवारों में स्थित होते हैं। इनकी विशेषता यह है कि सूक्ष्मदर्शी के नीचे इनमें स्पष्ट धारियां नहीं दिखाई देतीं और ये सचेत नियंत्रण से स्वतंत्र रूप से कार्य करते हैं।
चिकनी पेशी को एक 'ऑटोपायलट' प्रणाली के रूप में सोचें; जैसे आपको अपनी कार के इंजन को ईंधन पंप करते रहने के लिए मैन्युअल रूप से बताने की आवश्यकता नहीं होती है, वैसे ही आपको अपने आमाशय को भोजन पचाने के लिए सचेत रूप से याद दिलाने की आवश्यकता नहीं होती है।
SM-I: Smooth Muscles are Involuntary (चिकनी पेशियां अनैच्छिक होती हैं)।
F=ma — अंग सामग्री के द्रव्यमान और त्वरण से बल का संबंध
ΔP=P1−P2 — नलिकाकार अंगों में चिकनी पेशी संकुचन द्वारा उत्पन्न दबाव प्रवणता का प्रतिनिधित्व करता है
चिकनी पेशी का संकुचन एक्टिन और मायोसिन प्रोटीन से जुड़े स्लाइडिंग फिलामेंट तंत्र द्वारा शुरू होता है, जो धारीदार पेशी के समान है, लेकिन एक गैर-रैखिक नेटवर्क में अलग तरह से व्यवस्थित होता है। ये कोशिकाएं स्वायत्त तंत्रिका तंत्र (autonomic nervous system), हार्मोन, या स्थानीय रासायनिक संकेतों द्वारा सक्रिय होती हैं, जिससे निरंतर, धीमी और लयबद्ध संकुचन क्रिया होती है जिसे क्रमाकुंचन (peristalsis) कहा जाता है।
चिकनी पेशियां एक एकल केंद्रीय नाभिक के साथ तर्कुरूपी (spindle-shaped) कोशिकाएं होती हैं।
ये सूक्ष्मदर्शी के नीचे वैकल्पिक हल्की और गहरी पट्टियां (धारियां) नहीं दिखाती हैं।
ये धीमी, निरंतर संकुचन करने में सक्षम होती हैं और थकान-प्रतिरोधी होती हैं।
इनका विनियमन स्वायत्त तंत्रिका तंत्र (ANS) और अंतःस्रावी कारकों के माध्यम से होता है।
ऊर्जा-कुशल (अत्यधिक ATP का उपभोग किए बिना लंबी अवधि तक तनाव बनाए रख सकती हैं)।
लयबद्ध प्रणोदन (क्रमाकुंचन) प्रदान करती हैं जो पाचन और परिसंचरण के लिए आवश्यक है।
कंकाल पेशियों में पाए जाने वाले संकुचन के तीव्र, शक्तिशाली विस्फोटों में असमर्थ।
वासोकोन्स्ट्रिक्शन (vasoconstriction) और वासोडिलेशन (vasodilation) के माध्यम से रक्त प्रवाह का विनियमन।
जठरांत्र मार्ग (gastrointestinal tract) के माध्यम से भोजन के बोलस की गति।
पाचन तंत्र के माध्यम से सामग्री को ले जाने वाली लहर जैसी संकुचन प्रक्रिया को क्रमाकुंचन (peristalsis) कहा जाता है।
विकल्प A (धारीदार पेशी) कंकाल पेशी को संदर्भित करता है जो ऐच्छिक है।
विकल्प B (हृद पेशी) अनैच्छिक है लेकिन विशिष्ट रूप से धारीदार है और केवल हृदय में पाई जाती है।
विकल्प D (कंकाल पेशी) ऐच्छिक है और चलन (locomotion) के लिए हड्डियों से जुड़ी होती है।
C सही है — चिकनी पेशी ऊतक अनैच्छिक होते हैं और आमाशय तथा आंत जैसे खोखले अंगों की दीवारें बनाते हैं।
पेशियों के प्रकारों को हमेशा उनके विशिष्ट स्थान से जोड़ें: धारीदार = हड्डियां, हृद = हृदय, चिकनी = विसरल/खोखले अंग।