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2021 में नीति आयोग द्वारा गठित जैव-उर्वरकों (biofertilizers) के उत्पादन और संवर्धन पर गठित टास्क फोर्स के अध्यक्ष कौन थे?
प्रो. रमेश चंद
प्रो. सुरेश पाल
प्रो. विजय पी. शर्मा
प्रो. गोपाल नायक
प्रो. रमेश चंद
नीति आयोग के सदस्य प्रो. रमेश चंद ने भारत में जैव-उर्वरकों के उत्पादन और संवर्धन के लिए एक रोडमैप तैयार करने हेतु 2021 में स्थापित टास्क फोर्स की अध्यक्षता की थी। इस पहल का उद्देश्य टिकाऊ कृषि आदानों को बढ़ावा देकर रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता को कम करना था।
नीति आयोग के सदस्य प्रो. रमेश चंद ने भारत में जैव-उर्वरकों के उत्पादन और संवर्धन के लिए एक रोडमैप तैयार करने हेतु 2021 में स्थापित टास्क फोर्स की अध्यक्षता की थी। इस पहल का उद्देश्य टिकाऊ कृषि आदानों को बढ़ावा देकर रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता को कम करना था।
रासायनिक उर्वरकों को पौधों के लिए एक 'एनर्जी ड्रिंक' के रूप में सोचें जो तत्काल ऊर्जा प्रदान करता है लेकिन समय के साथ मिट्टी के लिए हानिकारक हो सकता है, जबकि जैव-उर्वरक एक 'प्रोबायोटिक सप्लीमेंट' की तरह कार्य करते हैं जो मिट्टी के पारिस्थितिकी तंत्र को स्वस्थ और आत्मनिर्भर बनाए रखते हैं।
N2+8H++8e−+16ATP→2NH3+H2+16ADP+16Pi — नाइट्रोजनेज एंजाइम द्वारा उत्प्रेरित जैविक नाइट्रोजन स्थिरीकरण अभिक्रिया।
जैव-उर्वरक मिट्टी में जीवित सूक्ष्मजीव संस्कृतियों, जैसे कि Rhizobium, Azotobacter, और फास्फेट-घुलनशील बैक्टीरिया, को शामिल करके काम करते हैं। ये जीव वायुमंडलीय नाइट्रोजन को स्थिर करके (N2→NH3) या अघुलनशील फास्फोरस यौगिकों को ऐसे रूपों में घोलकर, जो पौधों द्वारा आसानी से अवशोषित किए जा सकें, पोषक तत्वों के अवशोषण में सुविधा प्रदान करते हैं।
जैव-उर्वरक सूक्ष्मजीवी गतिविधियों को बढ़ावा देकर मिट्टी की उर्वरता में सुधार करते हैं।
वे टिकाऊ कृषि और जैविक खेती पद्धतियों के प्रमुख घटक हैं।
नीति आयोग यूरिया और डीएपी (डाई-अमोनियम फास्फेट) के राष्ट्रीय आयात बिल को कम करने के लिए इन्हें प्राथमिकता देता है।
वे मिट्टी के प्राकृतिक pH और जैविक कार्बन सामग्री को बहाल करने में मदद करते हैं।
पर्यावरण के अनुकूल और प्रदूषण रहित
छोटे किसानों के लिए लागत प्रभावी
मिट्टी की संरचना और फसल की उपज की गुणवत्ता में वृद्धि
सिंथेटिक रासायनिक उर्वरकों की तुलना में धीमी गति से कार्य
सूक्ष्मजीवों के जीवित रहने के लिए विशिष्ट मिट्टी की नमी और तापमान की स्थितियों की आवश्यकता
कुछ सूक्ष्मजीवी इनोकुलेंट्स (inoculants) का कम शेल्फ-लाइफ
बुवाई से पहले बीज उपचार
जैविक खाद या कम्पोस्ट के माध्यम से मिट्टी में अनुप्रयोग
मानक नाइट्रोजन स्थिरीकरण दरें फसल के प्रकार और सूक्ष्मजीवी स्ट्रेन पर निर्भर करती हैं।
विकल्प B, C, और D प्रतिष्ठित कृषि अर्थशास्त्री हैं, लेकिन प्रो. रमेश चंद ने नीति आयोग की इस विशिष्ट टास्क फोर्स की अध्यक्षता की थी।
A सही है — प्रो. रमेश चंद ने जैव-उर्वरकों के रणनीतिक संवर्धन के लिए समर्पित नीति आयोग की टास्क फोर्स का नेतृत्व किया था।
नीति आयोग की समितियों से जुड़े प्रश्नों के लिए, हमेशा उस सदस्य पर ध्यान केंद्रित करें जो 'कृषि और संबद्ध क्षेत्रों' की देखरेख करते हैं, जो आमतौर पर प्रो. रमेश चंद होते हैं।