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निम्नलिखित में से सही कथन/कथनों का चयन करें। i. वस्तु विनिमय प्रणाली (barter system) के अंतर्गत धन को ले जाना कठिन है। ii. मुद्रा नाशवान है और इसे संग्रहीत नहीं किया जा सकता है। iii. मूल्य स्तर में वृद्धि मुद्रा की क्रय शक्ति को कम कर सकती है।
i और iii
ii और iii
i और ii
केवल ii
i और iii
वस्तु विनिमय प्रणाली में मूल्य के सामान्य भंडार (store of value) का अभाव होता है, जिससे कई वस्तुओं की नाशवान प्रकृति के कारण धन का संचय करना कठिन हो जाता है। हालाँकि, मुद्रा एक टिकाऊ माध्यम है जो मूल्य के भंडार के रूप में कार्य करती है; इसलिए, कथन (ii) गलत है क्योंकि मुद्रा आमतौर पर नाशवान नहीं होती है।
वस्तु विनिमय प्रणाली में मूल्य के सामान्य भंडार (store of value) का अभाव होता है, जिससे कई वस्तुओं की नाशवान प्रकृति के कारण धन का संचय करना कठिन हो जाता है। हालाँकि, मुद्रा एक टिकाऊ माध्यम है जो मूल्य के भंडार के रूप में कार्य करती है; इसलिए, कथन (ii) गलत है क्योंकि मुद्रा आमतौर पर नाशवान नहीं होती है।
यदि आप 10 किलो गेहूं के बदले एक गाय का व्यापार करते हैं, तो आप उस धन को आसानी से नहीं बचा सकते क्योंकि गेहूं अंततः सड़ जाएगा, जबकि बैंक बैलेंस समय के साथ स्थिर रहता है।
Purchasing Power≈Price Level1 — मुद्रा के मूल्य और मुद्रास्फीति के बीच व्युत्क्रमानुपाती संबंध को दर्शाता है।
मुद्रा की क्रय शक्ति मूल्य स्तर के व्युत्क्रमानुपाती होती है। जब सामान्य मूल्य स्तर (P) बढ़ता है, तो वस्तुओं की वह मात्रा जिसे मुद्रा की एक इकाई खरीद सकती है, कम हो जाती है, जिसे मुद्रास्फीति (inflation) के रूप में जाना जाता है।
धन का संचय मुद्रा का एक प्राथमिक कार्य है जिसे वस्तु विनिमय प्रणालियाँ कुशलतापूर्वक प्रदान करने में विफल रहती हैं।
मुद्रास्फीति एक 'छिपे हुए कर' के रूप में कार्य करती है जो नकद होल्डिंग्स के वास्तविक मूल्य को कम करती है।
मुद्रा मूल्य के भंडार, विनिमय के माध्यम और लेखा की इकाई के रूप में कार्य करती है।
मुद्रा जटिल आर्थिक लेनदेन को सुविधाजनक बनाती है।
मुद्रा समय के साथ उपभोग को स्थगित करने की अनुमति देती है।
अतिस्फीति (Hyperinflation) मुद्रा को बेकार कर सकती है।
वस्तु विनिमय प्रणालियाँ 'आवश्यकताओं के दोहरे संयोग' (double coincidence of wants) की समस्या से ग्रस्त हैं।
केंद्रीय बैंकों द्वारा आधुनिक मौद्रिक नीति का उपयोग।
मुद्रास्फीति के रुझानों के विरुद्ध व्यक्तिगत वित्तीय नियोजन।
मानक मूल्य: आधार वर्ष की कीमतों पर क्रय शक्ति 1 है।
विकल्प ii गलत है क्योंकि मुद्रा (विशेषकर फिएट मुद्रा या सोना) टिकाऊ है और इसे ठीक से संग्रहीत करने के लिए डिज़ाइन किया गया है, खाद्य पदार्थों जैसी नाशवान वस्तुओं के विपरीत।
A सही है — कथन (i) और (iii) वस्तु विनिमय की सीमाओं और मुद्रास्फीति के प्रभाव का सटीक वर्णन करते हैं, जबकि कथन (ii) गलत है क्योंकि मुद्रा टिकाऊ होती है।
हमेशा याद रखें कि 'मूल्य का भंडार' मुद्रा के तीन मूलभूत कार्यों में से एक है, जिससे अर्थशास्त्र के संदर्भ में मुद्रा को नाशवान बताने वाला कोई भी कथन गलत हो जाता है।