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भारत के सर्वोच्च न्यायालय में नियुक्त होने वाली पहली महिला न्यायाधीश कौन थीं?
लीला सेठ
फातिमा बीवी
रूमा पाल
ज्ञान सुधा मिश्रा
फातिमा बीवी
एम. फातिमा बीवी 1989 में भारत के सर्वोच्च न्यायालय की न्यायाधीश के रूप में नियुक्त होने वाली पहली महिला थीं। उनकी नियुक्ति भारतीय न्यायपालिका में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर थी, जिसने सर्वोच्च न्यायालय की पुरुष-प्रधान परंपरा को तोड़ा।
एम. फातिमा बीवी 1989 में भारत के सर्वोच्च न्यायालय की न्यायाधीश के रूप में नियुक्त होने वाली पहली महिला थीं। उनकी नियुक्ति भारतीय न्यायपालिका में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर थी, जिसने सर्वोच्च न्यायालय की पुरुष-प्रधान परंपरा को तोड़ा।
भारत के संविधान का अनुच्छेद 124 सर्वोच्च न्यायालय की स्थापना और गठन से संबंधित है, जिसमें न्यायाधीशों की नियुक्ति भी शामिल है।
न्यायमूर्ति एम. फातिमा बीवी ने 1989 से 1992 तक सर्वोच्च न्यायालय में कार्य किया।
सर्वोच्च न्यायालय से सेवानिवृत्त होने के बाद, उन्होंने 1997 से 2001 तक तमिलनाडु की राज्यपाल के रूप में कार्य किया।
वह भारत में किसी भी उच्च न्यायपालिका में नियुक्त होने वाली पहली मुस्लिम महिला थीं।
लीला सेठ किसी राज्य उच्च न्यायालय (हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय) की पहली महिला मुख्य न्यायाधीश थीं।
रूमा पाल भारत के सर्वोच्च न्यायालय में सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाली महिला न्यायाधीशों में से एक थीं।
ज्ञान सुधा मिश्रा भारत के सर्वोच्च न्यायालय की न्यायाधीश के रूप में नियुक्त होने वाली पांचवीं महिला थीं।
विकल्प B सही उत्तर है; फातिमा बीवी भारतीय कानूनी इतिहास में एक महत्वपूर्ण व्यक्तित्व बनी हुई हैं।
B सही है — न्यायमूर्ति एम. फातिमा बीवी को 6 अक्टूबर 1989 को भारत के सर्वोच्च न्यायालय की पहली महिला न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया गया था।
न्यायपालिका का अध्ययन करते समय, हमेशा सर्वोच्च न्यायालय की पहली महिला न्यायाधीश (फातिमा बीवी) और उच्च न्यायालय की पहली महिला मुख्य न्यायाधीश (लीला सेठ) के बीच अंतर स्पष्ट रखें, क्योंकि परीक्षक अक्सर बहुविकल्पीय प्रश्नों में इन भूमिकाओं को बदल देते हैं।