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गैर-जैवनिम्नीकरण (non-biodegradable) अपशिष्ट पर्यावरणीय समस्याएं क्यों उत्पन्न करते हैं?
वे केवल पौधों के लिए विषाक्त होते हैं।
वे लंबे समय तक पर्यावरण में बने रहते हैं।
वे मृदा की उर्वरता बढ़ाते हैं।
उन्हें आसानी से पुनर्चक्रित (recycle) किया जा सकता है।
वे लंबे समय तक पर्यावरण में बने रहते हैं।
गैर-जैवनिम्नीकरण अपशिष्ट वे पदार्थ हैं जिन्हें जैविक प्रक्रियाओं (जैसे बैक्टीरिया द्वारा अपघटन) के माध्यम से सरल, हानिरहित पदार्थों में नहीं तोड़ा जा सकता है। क्योंकि वे सैकड़ों या हजारों वर्षों तक पर्यावरण में बने रहते हैं, वे जमा हो जाते हैं, जिससे मिट्टी का संदूषण, जल प्रदूषण और पारिस्थितिक असंतुलन पैदा होता है।
गैर-जैवनिम्नीकरण अपशिष्ट वे पदार्थ हैं जिन्हें जैविक प्रक्रियाओं (जैसे बैक्टीरिया द्वारा अपघटन) के माध्यम से सरल, हानिरहित पदार्थों में नहीं तोड़ा जा सकता है। क्योंकि वे सैकड़ों या हजारों वर्षों तक पर्यावरण में बने रहते हैं, वे जमा हो जाते हैं, जिससे मिट्टी का संदूषण, जल प्रदूषण और पारिस्थितिक असंतुलन पैदा होता है।
जैवनिम्नीकरण कचरे को एक 'बर्फ के टुकड़े' के रूप में सोचें जो एक पोखर में पिघल जाता है (प्राकृतिक चक्र), जबकि गैर-जैवनिम्नीकरण कचरा एक 'प्लास्टिक के कंकड़' की तरह है जो बारिश हो या धूप, फुटपाथ पर बिल्कुल वैसा ही रहता है।
CnH2n+O2→CO2+H2O (कार्बनिक पदार्थों का जैविक अपघटन)
जैवनिम्नीकरण पदार्थों को सूक्ष्मजीवों (मृतजीवी) द्वारा पानी, कार्बन डाइऑक्साइड और कार्बनिक पदार्थों जैसे बुनियादी पोषक तत्वों में तोड़ दिया जाता है। इसके विपरीत, गैर-जैवनिम्नीकरण सामग्री, जैसे कि प्लास्टिक, सिंथेटिक पॉलिमर और भारी धातुओं में उन रासायनिक बंधनों का अभाव होता है जिन्हें प्रकृति में एंजाइम पहचान सकें या तोड़ सकें, जिससे वे निष्क्रिय बने रहते हैं और अनिश्चित काल तक जमा होते रहते हैं।
गैर-जैवनिम्नीकरण कचरे में अपघटन शुरू करने के लिए प्राकृतिक एंजाइमों की कमी होती है।
वे खाद्य श्रृंखला में जैव-संचय (bioaccumulation) में योगदान करते हैं (जैसे जलीय जीवन में प्लास्टिक)।
वे बड़े लैंडफिल पर कब्जा करते हैं और मिट्टी की प्राकृतिक सरंध्रता को कम करते हैं।
स्थायी मृदा प्रदूषण
खाद्य श्रृंखला में जैव-आवर्धन (bio-magnification)
पोषक चक्र में हस्तक्षेप
सैनिटरी लैंडफिल प्रबंधन
प्लास्टिक पुनर्चक्रण (पायरोलिसिस)
| Feature | जैवनिम्नीकरण | गैर-जैवनिम्नीकरण |
|---|---|---|
अपघटन | तेज़ (प्राकृतिक) | बहुत धीमा/शून्य |
पॉलीइथिलीन टेरेफ्थेलेट (PET) जैसे प्लास्टिक को अपघटित होने में 450 वर्ष तक लग सकते हैं।
विकल्प A गलत है क्योंकि वे केवल पौधों को ही नहीं, बल्कि मिट्टी के रासायनिक गुणों और सूक्ष्मजीवों को भी प्रभावित करते हैं।
विकल्प C गलत है; वे मिट्टी की प्राकृतिक प्रक्रियाओं को समृद्ध करने के बजाय अवरुद्ध करते हैं।
विकल्प D गलत है; कई जटिल मिश्रित-पॉलिमर प्लास्टिक के लिए पुनर्चक्रण कठिन है।
B सही है — गैर-जैवनिम्नीकरण कचरा लंबे समय तक पर्यावरण में बना रहता है क्योंकि सूक्ष्मजीव उन्हें रासायनिक रूप से तोड़ नहीं सकते हैं।
प्रतियोगी परीक्षाओं में, पारिस्थितिकी आधारित प्रश्नों को हल करते समय हमेशा 'जैवनिम्नीकरण' (कार्बनिक, तेज़) और 'गैर-जैवनिम्नीकरण' (सिंथेटिक/अकार्बनिक, स्थायी) के बीच अंतर स्पष्ट रखें।