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कागज का एक आयताकार टुकड़ा 44 cm लंबा और 89 cm चौड़ा है। कागज को उसकी लंबाई के अनुदिश मोड़कर एक बेलन बनाया जाता है। बेलन का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।
3961 cm²
3931 cm²
3902 cm²
3916 cm²
3961 cm2
जब एक आयत को एक भुजा के अनुदिश मोड़ा जाता है, तो दूसरी भुजा परिधि (2πr) बन जाती है और जिस भुजा के अनुदिश मोड़ा जाता है, वह ऊँचाई (h) बन जाती है। अतः, CSA=चौड़ाई×लंबाई=89×44।
कागज की लंबाई L = 89 cm, कागज की चौड़ाई W = 44 cm। कागज को लंबाई के अनुदिश मोड़कर बेलन बनाया जाता है।
CSA=2πrh
जब एक आयत को एक भुजा के अनुदिश मोड़ा जाता है, तो दूसरी भुजा परिधि (2πr) बन जाती है और जिस भुजा के अनुदिश मोड़ा जाता है, वह ऊँचाई (h) बन जाती है। अतः, CSA=चौड़ाई×लंबाई=89×44।
कई छात्र त्रिज्या और ऊँचाई को अलग-अलग निकालने का प्रयास करते हैं, लेकिन मुड़े हुए बेलन का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल (CSA) मूल आयत के क्षेत्रफल के बराबर ही होता है।
आयामों की पहचान करें
आयताकार कागज के आयाम 89 cm और 44 cm हैं। इसे इसकी लंबाई के अनुदिश मोड़ने पर ऊँचाई लंबाई के बराबर हो जाती है और परिधि चौड़ाई के बराबर हो जाती है।
h=89 cm,C=44 cm
क्षेत्रफल को आयत से जोड़ें
कागज की शीट से बने बेलन का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल (CSA) मूल आयत के क्षेत्रफल के बराबर होता है।
CSA=लंबाई×चौड़ाई
गणना करें
कुल क्षेत्रफल ज्ञात करने के लिए दिए गए आयामों को गुणा करें।
CSA=89×44=3916 cm2
D सही है क्योंकि आयत का क्षेत्रफल 89 * 44 = 3916 cm² है।
सतहों को 'खोलने' (unfolding) की यह अवधारणा 3D ज्यामिति में शंकु और बेलन के पार्श्व पृष्ठीय क्षेत्रफल से संबंधित समस्याओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।