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आमाशय में पचित भोजन आँतों से होकर गुजरता है ताकि रक्त वाहिकाएं शरीर के कामकाज और विकास के लिए आवश्यक पोषक तत्वों को अवशोषित कर सकें। इस प्रक्रिया को क्या कहा जाता है?
संचरण (Transmission)
स्वांगीकरण (Assimilation)
आधान (Transfusion)
एकीकरण (Integration)
स्वांगीकरण (Assimilation)
स्वांगीकरण (Assimilation) वह जैविक प्रक्रिया है जिसमें अवशोषित पोषक तत्वों को रक्त के माध्यम से शरीर की विभिन्न कोशिकाओं तक पहुँचाया जाता है और जीवित जीवद्रव्य (protoplasm) में परिवर्तित किया जाता है या ऊर्जा और मरम्मत के लिए उपयोग किया जाता है। एक बार जब पोषक तत्व आंतों की दीवार को पार करके रक्तप्रवाह (अवशोषण) में प्रवेश कर जाते हैं, तो शरीर उन्हें ऊतकों के निर्माण या चयापचय पथों (metabolic pathways) को ईंधन देने के लिए 'स्वांगीकृत' करता है।
स्वांगीकरण (Assimilation) वह जैविक प्रक्रिया है जिसमें अवशोषित पोषक तत्वों को रक्त के माध्यम से शरीर की विभिन्न कोशिकाओं तक पहुँचाया जाता है और जीवित जीवद्रव्य (protoplasm) में परिवर्तित किया जाता है या ऊर्जा और मरम्मत के लिए उपयोग किया जाता है। एक बार जब पोषक तत्व आंतों की दीवार को पार करके रक्तप्रवाह (अवशोषण) में प्रवेश कर जाते हैं, तो शरीर उन्हें ऊतकों के निर्माण या चयापचय पथों (metabolic pathways) को ईंधन देने के लिए 'स्वांगीकृत' करता है।
इसे किसी दुकान से निर्माण सामग्री खरीदने (अवशोषण); उन्हें निर्माण स्थल तक ले जाने (रक्त के माध्यम से परिवहन); और अंत में उनका उपयोग करके वास्तविक घर बनाने (स्वांगीकरण) की तरह समझें।
A-A-A: Absorption (अवशोषण - लेना), Assimilation (स्वांगीकरण - शरीर में जोड़ना), Allocation (आवंटन - उपयोग करना)।
C6H12O6+6O2→6CO2+6H2O+ATP — स्वांगीकरण के दौरान ऊर्जा उत्पादन के लिए कोशिकीय श्वसन
इस प्रक्रिया में अमीनो एसिड, ग्लूकोज और फैटी एसिड जैसे अवशोषित मोनोमर्स का संचार प्रणाली के माध्यम से लक्ष्य अंगों तक पहुँचना शामिल है। कोशिकाओं के भीतर, ये अणु C6H12O6+6O2→6CO2+6H2O+Energy (ATP) जैसी चयापचय प्रक्रियाओं से गुजरते हैं ताकि जैविक ईंधन प्रदान किया जा सके। क्षतिग्रस्त कोशिकाओं की मरम्मत और संरचनात्मक विकास की सुविधा के लिए अमीनो एसिड से प्रोटीन का संश्लेषण होता है, जो डीएनए-निर्देशित प्रोटीन संश्लेषण द्वारा नियंत्रित होता है।
स्वांगीकरण छोटी आंत में अवशोषण के बाद होता है।
यह भोजन को शरीर के जटिल कार्बनिक घटकों (जैसे, जीवद्रव्य) में परिवर्तित करता है।
यह चयापचय (metabolism) में अपचय (ऊर्जा जारी करने) और उपचय (निर्माण) दोनों मार्गों के लिए एक महत्वपूर्ण चरण है।
होमियोस्टैटिक रखरखाव के लिए ऊर्जा की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित करता है।
विकास और ऊतक पुनर्जनन (regeneration) को सुगम बनाता है।
नई कोशिकाओं का निर्माण (सूत्रीविभाजन/mitosis)।
मांसपेशियों के संकुचन के लिए ऊर्जा उत्पादन।
अवशोषण पोषक तत्वों का ग्रहण है; स्वांगीकरण उन पोषक तत्वों का उपयोग है।
संचरण संकेतों से संबंधित है, आधान रक्त स्थानांतरण से संबंधित है, और एकीकरण कार्यात्मक एकीकरण से संबंधित है; इनमें से कोई भी पोषण संबंधी उपयोग का वर्णन नहीं करता है।
B सही है — स्वांगीकरण (Assimilation) का तात्पर्य जीवद्रव्य के निर्माण या ऊर्जा उत्पन्न करने के लिए शरीर की कोशिकाओं द्वारा अवशोषित पोषक तत्वों के उपयोग से है।
प्रतियोगी परीक्षाओं में, हमेशा अवशोषण (आंतों की झिल्ली को पार करने की क्रिया) और स्वांगीकरण (कोशिकाओं द्वारा कार्यात्मक उपयोग के लिए इन पोषक तत्वों को शामिल करने की क्रिया) के बीच अंतर करें।