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निम्नलिखित में से कौन-सा एक संक्रमण वक्र (transition curve) है?
A) क्यूबिक परवलय (Cubic parabola)
B) सर्पिल (Spiral)
C) लेम्निस्केट (Lemniscate)
D) ये सभी (All of these)
ये सभी (All of these)
एक संक्रमण वक्र (या सुगम वक्र / easement curve) परिवर्तनशील त्रिज्या का एक वक्र होता है जिसे सुपर-एलीवेशन (कैंट) और अपकेंद्रीय बल को धीरे-धीरे लागू करने के लिए एक सीधी रेखा और एक वृत्ताकार वक्र के बीच जोड़ा जाता है। सिविल इंजीनियरिंग सर्वेक्षण और राजमार्ग/रेलवे डिजाइन में क्यूबिक परवलय, यूलर सर्पिल (क्लॉथॉइड), और बर्नौली का लेम्निस्केट सभी संक्रमण वक्रों के मानक रूप हैं। इसलिए, विकल्प D सही है।
एक संक्रमण वक्र (या सुगम वक्र / easement curve) परिवर्तनशील त्रिज्या का एक वक्र होता है जिसे सुपर-एलीवेशन (कैंट) और अपकेंद्रीय बल को धीरे-धीरे लागू करने के लिए एक सीधी रेखा और एक वृत्ताकार वक्र के बीच जोड़ा जाता है। सिविल इंजीनियरिंग सर्वेक्षण और राजमार्ग/रेलवे डिजाइन में क्यूबिक परवलय, यूलर सर्पिल (क्लॉथॉइड), और बर्नौली का लेम्निस्केट सभी संक्रमण वक्रों के मानक रूप हैं। इसलिए, विकल्प D सही है।
L⋅r=C — आदर्श संक्रमण वक्र के लिए मूलभूत स्थिति (जहाँ L स्पर्शरेखा बिंदु से दूरी है और r उस बिंदु पर त्रिज्या है)
y=6RLx3 — क्यूबिक परवलय संक्रमण वक्र का समीकरण
θ=2RL — क्लॉथॉइड/सर्पिल के लिए रेडियन में सर्पिल कोण (spiral angle)
S=24RL2 — वृत्ताकार वक्र का विस्थापन (shift)
जब कोई वाहन सीधे मार्ग से सीधे क्षैतिज वृत्ताकार वक्र में प्रवेश करता है, तो उसे अचानक अपकेंद्रीय बल का अनुभव होता है, जिससे असुविधा, अस्थिरता या साइड फिसलने (side slipping) की समस्या होती है। एक संक्रमण वक्र स्पर्शरेखा बिंदु पर अनंत से त्रिज्या को वृत्ताकार वक्र की त्रिज्या (R) तक धीरे-धीरे कम करता है, जिससे अपकेंद्रीय त्वरण और सुपर-एलीवेशन एकसमान और आरामदायक दर से बढ़ते हैं।
एक आदर्श संक्रमण वक्र की त्रिज्या r प्रारंभ बिंदु से दूरी L के व्युत्क्रमानुपाती होती है (L⋅r=अचर).
सर्पिल (क्लॉथॉइड) को राजमार्गों के लिए आदर्श संक्रमण वक्र माना जाता है क्योंकि त्रिज्या त्वरण के परिवर्तन की दर एकसमान होती है।
छोटे विक्षेपण कोणों (deflection angles) के लिए रेखांकन (setting out) में आसानी के कारण रेलवे में क्यूबिक परवलय का व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है।
लेम्निस्केट उन सड़कों के लिए उपयुक्त है जहाँ विक्षेपण कोण बहुत बड़ा होता है।
अचानक झटके या साइड के झटकों से बचाते हुए अपकेंद्रीय बल को धीरे-धीरे लागू करता है।
सुपर-एलीवेशन (कैंट) और फुटपाथ के अतिरिक्त चौड़ीकरण का सुचारू और क्रमिक परिचय प्रदान करता है।
ड्राइवर के आराम, वाहन की स्थिरता और समग्र सड़क के सौंदर्य रूप में सुधार करता है।
इसके लिए अतिरिक्त भूमि क्षेत्र और सड़क/रेल संरेखण की अतिरिक्त लंबाई की आवश्यकता होती है।
साधारण वृत्ताकार वक्रों की तुलना में फ़ील्ड सेटिंग-आउट कार्य और सर्वेक्षण गणना को जटिल बनाता है।
पटरी से उतरने और ट्रैक विस्थापन को रोकने के लिए उच्च गति वाली रेलवे ट्रैक संरेखण में।
राष्ट्रीय राजमार्ग, एक्सप्रेसवे और पहाड़ी सड़कें जो सीधी रेखाओं को क्षैतिज वक्रों से जोड़ती हैं।
विकल्प A (क्यूबिक परवलय): रेलवे के लिए सबसे उपयुक्त जहाँ विक्षेपण कोण छोटा (<9°) होता है।
विकल्प B (सर्पिल/क्लॉथॉइड): राजमार्गों के लिए आदर्श वक्र क्योंकि वक्रता के परिवर्तन की दर पूरे समय एकसमान रहती है।
विकल्प C (लेम्निस्केट): तब पसंद किया जाता है जब विक्षेपण कोण बड़ा (>30°) होता है जैसे कि शहर की सड़कों या हेयरपिन मोड़ों में।
D सही है — क्यूबिक परवलय, सर्पिल और लेम्निस्केट सभी सर्वेक्षण और संरेखण डिजाइन में उपयोग किए जाने वाले संक्रमण वक्रों के वैध प्रकार हैं।
IRC राजमार्ग डिजाइन प्रश्नों के लिए, याद रखें कि क्लॉथॉइड/सर्पिल अनुशंसित आदर्श संक्रमण वक्र है, जबकि भारतीय रेलवे आमतौर पर क्यूबिक परवलय को प्राथमिकता देती है।