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इंडियन रोड कांग्रेस (Indian Road Congress) का गठन एक अर्ध-आधिकारिक तकनीकी निकाय के रूप में कब हुआ था?
1947
1934
1964
1939
1934
इंडियन रोड कांग्रेस (IRC) का गठन दिसंबर 1934 में जयकर समिति (Jayakar Committee) की सिफारिशों पर किया गया था, ताकि यह भारत में राजमार्ग इंजीनियरिंग के लिए सर्वोच्च राष्ट्रीय निकाय के रूप में कार्य कर सके।
इंडियन रोड कांग्रेस (IRC) का गठन दिसंबर 1934 में जयकर समिति (Jayakar Committee) की सिफारिशों पर किया गया था, ताकि यह भारत में राजमार्ग इंजीनियरिंग के लिए सर्वोच्च राष्ट्रीय निकाय के रूप में कार्य कर सके।
एक अर्ध-आधिकारिक तकनीकी निकाय के रूप में, IRC इंजीनियरों, योजनाकारों और प्रशासकों के ज्ञान को एकत्रित करके कार्य करता है ताकि मानकीकृत दिशा-निर्देश, विनिर्देश और अभ्यास संहिता प्रदान की जा सके। यह सड़क परिवहन अवसंरचना में अनुसंधान और विकास को बढ़ावा देने और सड़क निर्माण तथा रखरखाव के तकनीकी पहलुओं पर सरकार को सलाह देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
जयकर समिति रिपोर्ट (1927) के आधार पर 1934 में गठित।
सड़कों से संबंधित सभी मामलों पर भारत सरकार के मुख्य सलाहकार के रूप में कार्य करता है।
‘इंडियन हाईवेज़’ पत्रिका और विभिन्न मानक कोड (IRC कोड) प्रकाशित करता है।
राजमार्ग इंजीनियरों के लिए ज्ञान के आदान-प्रदान और व्यावसायिक विकास को सुगम बनाता है।
देश भर में राजमार्ग डिजाइन और निर्माण प्रथाओं का मानकीकरण।
व्यावसायिक नेटवर्किंग और तकनीकी ज्ञान प्रसार के लिए मंच।
ग्रामीण और शहरी सड़कों के लिए ज्यामितीय डिजाइन मानकों को परिभाषित करना।
लचीले और कठोर फुटपाथों (flexible and rigid pavements) के लिए संरचनात्मक डिजाइन कोड का विकास।
जयकर समिति ने राष्ट्रीय सड़क विकास नीति की आवश्यकता की पहचान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिसके कारण केंद्रीय सड़क निधि (1929) और बाद में IRC का निर्माण हुआ।
विकल्प A (1947) स्वतंत्रता के वर्ष को संदर्भित करता है, जिसे अक्सर 1952 में CRRI (केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान) के गठन से जोड़ा जाता है।
विकल्प D (1939) भारत में सड़क प्रशासनिक निकायों के प्रमुख स्थापना मील के पत्थर से संबंधित नहीं है।
B सही है — इंडियन रोड कांग्रेस की स्थापना 1934 में सड़क इंजीनियरिंग में तकनीकी विशेषज्ञता के लिए एक साझा मंच प्रदान करने हेतु की गई थी।
याद रखें कि भारतीय सड़क अवसंरचना विकास के कालक्रम में IRC (1934) मोटर वाहन अधिनियम (1939) और केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान (1952) से पहले आता है।