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एड्रेनालाईन (Adrenaline) का स्राव किस ग्रंथि द्वारा होता है?
थायरॉयड ग्रंथि
अधिवृक्क ग्रंथि (एड्रिनल ग्रंथि)
पीनियल ग्रंथि
पियूष ग्रंथि (पिट्यूटरी ग्रंथि)
अधिवृक्क ग्रंथि (एड्रिनल ग्रंथि)
अधिवृक्क ग्रंथि (विशेष रूप से एड्रिनल मेडुला) एड्रेनालाईन का स्राव करती है, जिसे एपिनेफ्रीन भी कहा जाता है। एड्रेनालाईन को अक्सर 'आपातकालीन हार्मोन' या 'लड़ो-या-उड़ो (fight-or-flight) हार्मोन' कहा जाता है क्योंकि यह शरीर को तनावपूर्ण या आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए तैयार करता है।
अधिवृक्क ग्रंथि (विशेष रूप से एड्रिनल मेडुला) एड्रेनालाईन का स्राव करती है, जिसे एपिनेफ्रीन भी कहा जाता है। एड्रेनालाईन को अक्सर 'आपातकालीन हार्मोन' या 'लड़ो-या-उड़ो (fight-or-flight) हार्मोन' कहा जाता है क्योंकि यह शरीर को तनावपूर्ण या आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए तैयार करता है।
एड्रेनालाईन कार में आपातकालीन टर्बो-बूस्ट बटन की तरह काम करता है, जो सड़क पर अचानक किसी बाधा से बचने के लिए तुरंत अतिरिक्त गति और शक्ति प्रदान करता है।
'A से Adrenaline, A से Adrenal, और A से Action/Alarm!' याद रखें।
Epinephrine=Adrenaline — चिकित्सा शब्दावली में परस्पर उपयोग किया जाने वाला रासायनिक नाम
जब कोई व्यक्ति डर, तनाव या आपात स्थिति का सामना करता है, तो अनुकंपी तंत्रिका तंत्र (sympathetic nervous system) एड्रिनल मेडुला को रक्तप्रवाह में तेजी से एड्रेनालाईन और नॉरएड्रेनालाईन जारी करने के लिए उत्तेजित करता है। यह हार्मोन हृदय गति, श्वसन दर, रक्तचाप और कंकाल की मांसपेशियों में रक्त के प्रवाह को बढ़ाता है, जबकि पाचन तंत्र जैसे गैर-आवश्यक अंगों से रक्त को दूसरी ओर मोड़ता है।
एड्रेनालाईन का स्राव एड्रिनल मेडुला द्वारा होता है।
यह शरीर को आपातकालीन 'लड़ो या उड़ो' स्थितियों के लिए तैयार करता है।
यह हृदय गति, श्वसन दर और रक्तचाप को बढ़ाता है।
थायरॉयड ग्रंथि थायरोक्सिन स्रावित करती है, पीनियल ग्रंथि मेलाटोनिन स्रावित करती है, पिट्यूटरी ग्रंथि ग्रोथ हार्मोन और TSH स्रावित करती है।
अचानक खतरों या अत्यधिक शारीरिक तनाव से बचने के लिए त्वरित शारीरिक परिवर्तन प्रदान करता है।
निरंतर तनाव के कारण एड्रेनालाईन का अत्यधिक स्राव उच्च रक्तचाप और हृदय संबंधी समस्याओं का कारण बन सकता है।
गंभीर एलर्जी प्रतिक्रियाओं (एनाफिलेक्सिस) और कार्डिएक अरेस्ट के दौरान जीवनरक्षक इंजेक्शन (EpiPen) के रूप में चिकित्सकीय उपयोग किया जाता है।
विकल्प A (थायरॉयड ग्रंथि): थायरोक्सिन का स्राव करती है जो आधार चयापचय दर को नियंत्रित करता है।
विकल्प C (पीनियल ग्रंथि): मेलाटोनिन का स्राव करती है जो सर्केडियन लय (नींद-जागने का चक्र) को नियंत्रित करता है।
विकल्प D (पियूष ग्रंथि): इसे मास्टर ग्रंथि के रूप में जाना जाता है, जो अन्य अंतःस्रावी ग्रंथियों को नियंत्रित करती है।
B सही है — अधिवृक्क ग्रंथि एड्रेनालाईन का स्राव करती है।
RRB और SSC परीक्षाओं में अंतःस्रावी ग्रंथियों और उनके संबंधित हार्मोन/कार्यों पर प्रश्न अक्सर पूछे जाते हैं। हमेशा हार्मोन का नाम, इसे स्रावित करने वाली ग्रंथि और इसकी प्राथमिक शारीरिक भूमिका को याद रखें।