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निम्नलिखित में से कौन सा एककोशिकीय जीव अपना आकार बदलता है?
यीस्ट
अमीबा
पैरामीशियम
बैक्टीरिया
अमीबा
अमीबा एक एककोशिकीय जीव है जिसका आकार अनियमित होता है। यह छद्मपाद (pseudopodia) (कूठपाद) नामक अस्थायी अंगुलियों जैसे उभारों को बनाकर लगातार अपना आकार बदलता रहता है, जो इसे चलने और भोजन को निगलने में मदद करते हैं।
अमीबा एक एककोशिकीय जीव है जिसका आकार अनियमित होता है। यह छद्मपाद (pseudopodia) (कूठपाद) नामक अस्थायी अंगुलियों जैसे उभारों को बनाकर लगातार अपना आकार बदलता रहता है, जो इसे चलने और भोजन को निगलने में मदद करते हैं।
अमीबा के बारे में एक आटे या जेली के गोले की तरह सोचें जिसे आप बिना तोड़े अलग-अलग आकारों में धकेल और खींच सकते हैं, क्योंकि इसमें कोई कठोर बाहरी दीवार नहीं होती है।
Amoeba = Always Moving Or Changing Body Architecture (हमेशा गति करना या शरीर की संरचना बदलना)
आकार में परिवर्तन कोशिकाद्रव्य के भीतर एक्टिन साइटोस्केलेटन के गतिशील पुनर्गठन द्वारा संचालित होता है। जब कोशिकाद्रव्य एक विशिष्ट क्षेत्र में प्रवाहित होता है, तो कोशिका झिल्ली छद्मपाद बनाने के लिए फैल जाती है, इस प्रक्रिया को अमीबीय गति (amoeboid movement) के रूप में जाना जाता है।
अमीबा प्रोटिस्टा जगत का एक यूकेरियोट है।
छद्मपाद गति और फागोसाइटोसिस (कोशिकीय भोजन) दोनों के लिए आवश्यक हैं।
बैक्टीरिया या यीस्ट के विपरीत, जिनमें कठोर कोशिका भित्ति (क्रमशः पेप्टिडोग्लाइकन या काइटिन) होती है, अमीबा में केवल एक लचीली कोशिका झिल्ली होती है।
कठोर कोशिका भित्ति की अनुपस्थिति ही मुख्य कारण है कि यह अपना आकार बदल सकता है।
लचीलापन जटिल सतहों पर कुशल नेविगेशन की अनुमति देता है।
फागोसाइटोसिस के माध्यम से शिकार को आसानी से निगलने में सक्षम बनाता है।
संरचनात्मक समर्थन की कमी कठोर-भित्ति वाली कोशिकाओं की तुलना में आकार और पर्यावरणीय प्रतिरोध को सीमित करती है।
कोशिकीय गतिशीलता और साइटोस्केलेटन गतिशीलता का अध्ययन।
फागोसिटिक प्रतिरक्षा तंत्र को समझने के लिए मॉडल जीव।
यीस्ट एक कवक है जिसमें एक कठोर कोशिका भित्ति होती है, जो उन्हें अंडाकार/गोलाकार आकार देती है।
पैरामीशियम का एक निश्चित, चप्पल जैसा आकार होता है जो पेलिकल द्वारा बनाए रखा जाता है।
बैक्टीरिया अपनी पेप्टिडोग्लाइकन कोशिका भित्ति के कारण कोक्सी (गोलाकार), बैसिली (छड़), या स्पाइरिला जैसे निश्चित आकार प्रदर्शित करते हैं।
B सही है — अमीबा एक एककोशिकीय जीव है जो छद्मपाद के निर्माण के माध्यम से लगातार अपने शरीर का आकार बदलने की क्षमता के लिए जाना जाता है।
प्रतियोगी परीक्षाओं में, याद रखें कि कोशिका भित्ति की उपस्थिति या अनुपस्थिति कोशिका आकार की स्थिरता के लिए मुख्य अंतर है। बिना कोशिका भित्ति वाले जीव, जैसे अमीबा, संरचनात्मक रूप से परिवर्तनशील होते हैं।