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'ब्लैक रिएक्शन' (Black Reaction) नामक स्टेनिंग तकनीक की खोज किसने की थी, जो न्यूरॉन्स को पूरी तरह से प्रकट करने में सक्षम थी?
रॉबर्ट रेमाक (Robert Remak)
अल्बर्ट कोलिकर (Albert Kolliker)
कैमिलो गोलगी (Camillo Golgi)
जैक्स लोएब (Jacques Loeb)
कैमिलो गोलगी (Camillo Golgi)
कैमिलो गोलगी ने 1873 में 'ब्लैक रिएक्शन' (la reazione nera) की खोज की थी, जो एक क्रांतिकारी सिल्वर नाइट्रेट स्टेनिंग तकनीक है। यह माइक्रोस्कोप के नीचे व्यक्तिगत न्यूरॉन्स और उनकी जटिल प्रक्रियाओं (एक्सोन और डेंड्राइट्स) के पूर्ण दृश्य की अनुमति देता है, जो पहले अदृश्य थे।
कैमिलो गोलगी ने 1873 में 'ब्लैक रिएक्शन' (la reazione nera) की खोज की थी, जो एक क्रांतिकारी सिल्वर नाइट्रेट स्टेनिंग तकनीक है। यह माइक्रोस्कोप के नीचे व्यक्तिगत न्यूरॉन्स और उनकी जटिल प्रक्रियाओं (एक्सोन और डेंड्राइट्स) के पूर्ण दृश्य की अनुमति देता है, जो पहले अदृश्य थे।
इसे लाखों तारों के एक विशाल, उलझे हुए बंडल में एक एकल तार को काले रंग से रंगकर हाइलाइट करने जैसा समझें, जिससे वह पृष्ठभूमि के शोर से पूरी तरह अलग दिखाई दे।
GOLGI: 'G'etting 'O'rganized 'L'inearly (in) 'G'ray-matter 'I'maging.
AgNO3+K2CrO4→Ag2CrO4↓+2KNO3 — 'ब्लैक रिएक्शन' में सिल्वर क्रोमेट का अवक्षेपण।
इस सिद्धांत में यादृच्छिक रूप से चुने गए न्यूरॉन्स के एक छोटे प्रतिशत के साइटोप्लाज्म के भीतर सिल्वर क्रोमेट क्रिस्टल का अवक्षेपण (precipitation) शामिल है। मस्तिष्क के ऊतकों को पोटेशियम डाइक्रोमेट और सिल्वर नाइट्रेट (AgNO3) में डुबोकर, कोशिका झिल्ली के अंदर सिल्वर क्रोमेट (Ag2CrO4) अवक्षेपित हो जाता है। इसका परिणाम यह होता है कि पूरा न्यूरॉन, जिसमें इसके महीन डेंड्राइट्स और एक्सोन शामिल हैं, पारभासी, पीले-भूरे रंग की पृष्ठभूमि के खिलाफ गहरे काले रंग का दिखाई देता है।
'ब्लैक रिएक्शन' को गोलगी स्टेन के रूप में भी जाना जाता है।
गोलगी ने इस तकनीक का उपयोग यह प्रदर्शित करके 'रेटिकुलर थ्योरी' (Reticular Theory) के खिलाफ तर्क देने के लिए किया कि न्यूरॉन्स अलग-अलग इकाइयाँ हैं।
कैमिलो गोलगी ने 1906 में शरीर विज्ञान या चिकित्सा का नोबेल पुरस्कार सैंटियागो रामोन वाई काजल के साथ साझा किया।
काजल ने बाद में न्यूरॉन सिद्धांत के लिए निश्चित संरचनात्मक आधार प्रदान करने के लिए गोलगी की विधि का उपयोग किया।
व्यक्तिगत न्यूरॉन्स की पूर्ण आकृति विज्ञान (morphology) को प्रकट करता है।
उच्च कंट्रास्ट लंबी दूरी तक एक्सोन और डेंड्रिटिक स्पाइन को ट्रेस करने की अनुमति देता है।
स्टेनिंग अप्रत्याशित और 'विरल' (केवल 1-5% कोशिकाएं ही स्टेन होती हैं) होती है।
मोटे ऊतक अनुभागों की आवश्यकता होती है जिन्हें संसाधित करना कठिन हो सकता है।
न्यूरोनल सर्किट की न्यूरोएनाटॉमी मैपिंग।
न्यूरोलॉजिकल शोध में डेंड्रिटिक मॉर्फोलॉजी और स्पाइन घनत्व का अध्ययन।
रॉबर्ट रेमाक को अनमाइलिनेटेड तंत्रिका तंतुओं और लाल रक्त कोशिकाओं की उत्पत्ति की पहचान करने के लिए जाना जाता है।
अल्बर्ट कोलिकर ने मांसपेशी कोशिकाओं में चिकनी मांसपेशियों और माइटोकॉन्ड्रिया की संरचना का वर्णन किया।
जैक्स लोएब ट्रोपिज्म और कृत्रिम पार्थेनोजेनेसिस पर अपने काम के लिए प्रसिद्ध हैं।
C सही है — कैमिलो गोलगी ने सिल्वर नाइट्रेट-आधारित 'ब्लैक रिएक्शन' का आविष्कार किया, जो एक ऐतिहासिक खोज थी जिसने वैज्ञानिकों को संपूर्ण न्यूरॉन्स की जटिल संरचना को देखने की अनुमति दी।
प्रतियोगी परीक्षाओं में, याद रखें कि गोलगी और काजल वैज्ञानिक प्रतिद्वंद्वी थे; गोलगी 'रेटिकुलर थ्योरी' के समर्थक थे, जबकि काजल ने इसे गलत साबित करने के लिए गोलगी के ही स्टेन का उपयोग किया, जो 'न्यूरॉन सिद्धांत' का आधार बना।