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RLV-TD का उपयोग करके निम्नलिखित में से किस प्रौद्योगिकी का परीक्षण किया जाता है?
नाभिकीय संलयन
आनुवंशिक संपादन
गहरे समुद्र में खनन
हाइपरसोनिक उड़ान
हाइपरसोनिक उड़ान
Quick Summary: RLV-TD (Reusable Launch Vehicle-Technology Demonstrator) का उपयोग हाइपरसोनिक उड़ान के परीक्षण के लिए किया जाता है। यह प्रौद्योगिकी अंतरिक्ष यात्राओं को सस्ता और अधिक प्रभावी बनाने में सहायक है।
RLV-TD (Reusable Launch Vehicle-Technology Demonstrator) का उपयोग हाइपरसोनिक उड़ान के परीक्षण के लिए किया जाता है। यह प्रौद्योगिकी अंतरिक्ष यात्राओं को सस्ता और अधिक प्रभावी बनाने में सहायक है।
F=ma — बल और त्वरण के बीच संबंध
Ek=21mv2 — गतिज ऊर्जा
हाइपरसोनिक उड़ान की तकनीक में विमान एक निश्चित गति से वायुमंडल में उड़ता है, जो ध्वनि की गति की 5 गुना से अधिक होती है। इस तकनीक का अनुसंधान करना बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि यह पृथ्वी के बाहर जाने वाले वाहनों की विकास में सहायक है।
हाइपरसोनिक उड़ान ध्वनि की गति से अधिक होती है, जिससे यह नई मिसाइल और विमानों के विकास में उपयोगी है।
RLV-TD का मुख्य उद्देश्य पुनर्प्रयोगीय प्रौद्योगिकी को विकसित करना है, जिससे अंतरिक्ष में यात्रा की लागत कम हो सके।
वृत्तचित्र अवकाश यात्रा में सुविधा बढ़ाना।
अंतरिक्ष में सामग्री स्थानांतरित करने की लागत कम करना।
उच्च गति पर उड़ान भरने के लिए अत्यधिक तापमान और दबाव का सामना करना पड़ता है।
प्रौद्योगिकी का विकास महंगा हो सकता है।
अंतरिक्ष में उपग्रहों की तैनाती।
गहरे समुद्र की खोज और अध्ययन।
| Parameter | Detail |
|---|---|
| इसकी गति | हाइपरसोनिक उड़ान की गति ध्वनि की गति से 5 गुना अधिक होती है। |
| गलत विकल्पों का स्पष्टीकरण | विकल्प A: नाभिकीय संलयन का संबंध ऊर्जा उत्पादन से है, न कि उड़ान से; विकल्प B: आनुवंशिक संपादन का संबंध जीव विज्ञान से है, न कि विमानन से; विकल्प C: गहरे समुद्र में खनन एक भौगोलिक कार्य है, न कि उड़ान प्रौद्योगिकी। |
D सही है — RLV-TD का उपयोग हाइपरसोनिक उड़ान प्रौद्योगिकी के परीक्षण के लिए किया जाता है।
प्रतियोगी परीक्षाओं में हाइपरसोनिक उड़ानों और संबंधित प्रौद्योगिकियों पर ध्यान केंद्रित करें क्योंकि ये वर्तमान में महत्वपूर्ण हैं।