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यदि एक प्रिंटर द्वारा 5 मिनट में 40 पृष्ठ छापे जाते हैं, तो 3 घंटे में कितने पृष्ठ छापे जाएंगे?
1810
1440
1620
1560
1440
इसे हल करने के लिए, पहले प्रति मिनट छपाई की दर निर्धारित करें: 40 पृष्ठों को 5 मिनट से विभाजित करने पर 8 पृष्ठ प्रति मिनट प्राप्त होते हैं। चूंकि 3 घंटे में 180 मिनट होते हैं (3 को 60 से गुणा करने पर), 180 को 8 से गुणा करने पर कुल 1440 पृष्ठ प्राप्त होते हैं।
इसे हल करने के लिए, पहले प्रति मिनट छपाई की दर निर्धारित करें: 40 पृष्ठों को 5 मिनट से विभाजित करने पर 8 पृष्ठ प्रति मिनट प्राप्त होते हैं। चूंकि 3 घंटे में 180 मिनट होते हैं (3 को 60 से गुणा करने पर), 180 को 8 से गुणा करने पर कुल 1440 पृष्ठ प्राप्त होते हैं।
इकाई दर और आनुपातिकता की अवधारणा UPSC CSAT, SSC CGL और बैंकिंग परीक्षाओं के मात्रात्मक योग्यता (Quantitative Aptitude) अनुभाग के लिए मौलिक है, जो बुनियादी अंकगणित में गति और सटीकता का परीक्षण करती है।
दर की गणना: 40 पृष्ठ / 5 मिनट = 8 पृष्ठ/मिनट।
समय रूपांतरण: 1 घंटा = 60 मिनट; इसलिए, 3 घंटे = 180 मिनट।
कुल उत्पादन: 180 मिनट * 8 पृष्ठ/मिनट = 1440 पृष्ठ।
यह समस्या ऐकिक विधि (unitary method) का उपयोग करती है, जो प्रतियोगी परीक्षाओं में कार्य-समय-दूरी संबंधी समस्याओं को हल करने के लिए एक मानक तकनीक है।
कार्य की स्थिर दर यह मानती है कि प्रिंटर बिना किसी मशीन के डाउनटाइम या रुकावट के समान गति से काम करता है।
विकल्प B सही गणितीय परिणाम है जो दर और कुल परिवर्तित समय के गुणनफल से प्राप्त होता है।
विकल्प A, C, और D गलत गणनाएं हैं जो 180 मिनट पर लागू 8 पृष्ठ प्रति मिनट की दर से मेल नहीं खाती हैं।
B सही है — 8 पृष्ठ प्रति मिनट की इकाई दर की गणना करके और इसे 180 मिनट की कुल अवधि से गुणा करने पर, कुल आउटपुट ठीक 1440 पृष्ठ है।
अंकगणितीय योग्यता में, प्रतियोगी परीक्षा के दबाव में त्रुटियों से बचने के लिए गुणा करने से पहले हमेशा सभी समय इकाइयों को एक समान आधार (जैसे मिनट) में परिवर्तित करें।